उत्तर प्रदेशहरदोई

शिक्षा के अधिकार पर गरीबी लगा रही ग्रहण

चंद निवालों की खातिर कमाने घर से निकले बच्चे

पापी पेट ने बच्चों को स्कूल जाने से रोका

रिपोर्ट कमरुल खान

बिलग्राम हरदोई। । सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद गरीब बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित होना पड़ रहा है। इसका कारण सिर्फ उनकी गरीबी है और कुछ नहीं अधिकतर बच्चों के अंदर पढ़ने की ललक होती परंतु किसी न किसी कारणवश वो स्कूलों तक नहीं पहुंच पाते उनके घरों की दैनिक जरूरत उनके पांव की बेड़ियाँ बन कर बच्चों को स्कूल जाने से रोक देतीं है। आधुनिक समय में कई जगहों पर नाबालिग और चौदह वर्ष से कम आयु के बच्चे ईंटें उठा रहे हैं कोई पंचर की दुकान में काम कर रहे कोई होटल पर। शुक्रवार सुबह जब मैं अपने रहुला गांव से बिलग्राम के लिए निकला तो मुझे बिलग्राम नगरपालिका के समीप पांच मासूम बच्चे सड़क किनारे इमली बेचते नजर आये। मैने उनसे नाम पूछा तो ममता, नीरज, अमन, अमर, शबनम, बताया स्कूल न जाने का कारण पूछा तो उन्होनें कहा कि हम लोगों का स्कूल में नाम ही नहीं लिखा है। इस लिए हम में से कोई स्कूल नहीं जाता है। पिता जी ढोलक बजा कर भींक मांगते हैं और हम लोग भी इमली बेच कर घर में पैसे देते हैं। ये सुनते ही ऐसा लगा की परिवार की गरीबी और आर्थिक दुर्दशा के कारण ही ये लोग काम करने को मजबूर हैं। ये मासूम बच्चों की दशा तब है जब गरीबी से उबरने के लिए सरकार ने दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन (डीएवाई एनआरएलएम जैसी कई योजनाएं चला रही। लेकिन शायद इन बच्चों के परिवारों को इन योजनाओं का लाभ मिलता नहीं दिखाई दे रहा है।

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