उत्तर प्रदेशलखनऊ

एक साल में लखनऊ की सीमाओं को पार कर गया मेट्रो

23 अक्टूबर 2019 को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के नाम पर लगी थी मुहर

लखनऊ.  मेट्रो रेल की लाइनें जो केवल नवाबों के शहर या यूं कहे कि अपनी सूबे की राजधानी तक सीमित रहीं, वो बीते एक साल के दौरान आगे बढ़कर प्रदेश के पुराने औद्योगिक नगरी कानपुर तक पहुंच गई। विगत 23 अक्टूबर 2019 को लखनऊ मेट्रो एक नये कलेवर और अधिक जिम्मेदारियों के साथ उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन लि. यानि यूपीएमआरसीएल में बदल गया। बीते साल आठ मार्च 2019 को चौधरी चरण सिंह एअरपोर्ट मेट्रो से मुंशी पुलिया तक के 22 किलोमीटर का रेल संचालन शुरू किया गया। लखनऊ मेट्रो ने वर्ष 2019 में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रख्यात पुरस्कार भी अर्जित किये जिसमें पर्यावरण में उत्कृष्टता के लिए भारतीय बिल्डिंग कांग्रेस, ट्रॉफी ब्यूरो आफ एनर्जी एफिशिएंसी के तहत राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार, सोसाइटी फॉर द प्रिवेंशन आफ एक्सीडेंट्स गोल्ड अवार्ड, प्रोजेक्ट इंफ्रास्ट्रक्चर श्रेणी में पूरे उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर के लिए सम्मानित और अंत में ब्रिटिश सेफ्टी काउंसिल ने पूरे 23 किमी लंबे नार्थ-साउथ कॉरिडोर के दौरान अच्छे स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रबंधन के लिए अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार से नवाजा गया। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक और मेट्रो डिपो के संचालन और रखरखाव के लिए प्रमाण पत्र पुरस्कारों से नवाजा गया।

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