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बीएचयू में संस्कृत विभाग के प्रोफेसर फिरोज खान के पिता को मिलेगा पद्मश्री

नई दिल्ली। बीएचयू में संस्कृत विभाग के सहायक प्रोफेसर फिरोज खान ने पिता रमजान खान उर्फ मुन्न्ना मास्टर को पद्मश्री दिए जाने की घोषणा पर बेहद खुशी जाहिर करते हुए ‘हिन्दुस्तान’ को बताया कि यह अल्लाह का करम और अहसान है। फिरोज ने ही यह खबर पिता और भाई-बहनों को दी। खबर फैलते ही राजस्थान में जयपुर के पास फिरोज के गांव बगरू में जश्न शुरू हो गया। उनके दो कमरे के घर पर बधाई देने आने वालों का तांता लग गया।

फिरोज ने बताया कि उनके परिवार को संगीत और संस्कृत का संस्कार दादा संगीत विशारद गफूर खान से मिला। उन्होंने ही पिता और फिर पिता ने हम बच्चों को इस ओर प्रेरित किया। फिरोज ने कहा कि पिता को यह सम्मान मिलने से वे खुद को बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

मुन्ना मास्टर ने इसे अकल्पनीय बताते हुए कहा कि सपने में भी ऐसे सम्मान के बारे में नहीं सोचा था। उन्होंने कहा कि गो माता की सेवा और कृपा से ही ऐसा संभव हुआ है। मुन्ना मास्टर ने कहा कि इस सम्मान का श्रेय वे अपने पिता गफूर खान को देते हैं, जिन्होंने उन्हें इस राह पर चलाया। उन्होंने इसे सभी देशवासियों का सम्मान बताया।

मुन्ना मास्टर के चारों बेटों वकील, शकील, फिरोज और वारिस ने संस्कृत पढ़ी है। उनकी बड़ी बेटी का नाम अनीता है। उन्होंने दीपावली के दिन जन्मी छोटी बेटी का नाम लक्ष्मी रखा है। घर की दीवारों पर कृष्ण की तस्वीरें लगी हैं। मुन्ना मास्टर गोशाला के मंदिर में संकीर्तन करते हैं। उन्होंने श्याम सुरभि वंदना नामक भजन पुस्तिका भी लिखी है।

डॉ. फिरोज के बीएचयू में संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में सहायक प्रोफेसर पद पर नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। बाद में उनका कला संकाय के संस्कृत विभाग में चयन हो गया।

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