पटनाबिहार

एसपी लिपि सिंह सिर्फ रिपोर्ट की हैं ट्रू,एएसपी हरी शंकर ने पूर्व मंत्री बाप-बेटे को बनाया हैं अभियुक्त

प्रतिरक्षा में चार अभियुक्तों के खिलाफ पूर्व में हो चुकी हैं चार्जशीट , पूर्व के एसपी ने सुपरविजन को कर रखा था लंबित

 सांसद के फर्जी पीए कुणाल और बमबम सिंह से बातचीत का हैं कॉल डिटेल ,दोनों ने स्वीकृति बयान में लिया हैं नाम
>> हाईकोर्ट से तीन अभियुक्त गौतम कुमार ,विजय सिंह व मुकेश सिंह को मिल चुकी हैं जमानत
>> सबूत के आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई कर रही पुलिस -एसपी
रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) । दबंग विधायक अनंत सिंह को कानून का औकात दिखाने वाली तेज तर्रार आईपीएस लिपि सिंह पर फिर एक गुट आक्रामक हो चुका हैं । आरोप लगाया जा रहा हैं की पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह व उनके पुत्र पूर्व विधायक सुमित कुमार को राजनीति से प्रेरित होकर मुंगेर एसपी लिपि सिंह कार्रवाई कर रही हैं ।लेकिन हकीकत ऐसी नहीं हैं आईपीएस लिपि सिंह ने मुंगेर एसपी का योगदान नये वर्ष 2020 में ली हैं ।जबकि पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह से जुड़ा फर्जीवाड़ा का मामला बीच वर्ष 2019 के अगस्त माह की हैं । पुलिस मुख्यालय के दिये गये सभी लंबित मामले के निर्देश के आलोक में एसपी लिपि सिंह ने सिर्फ रिपोर्ट ट्रू निकाला हैं । एएसपी सदर हरी शंकर ने पूर्व मंत्री नरेंद्र सिर्फ व उनके पुत्र पूर्व विधायक सुमित कुमार के खिलाफ सुपरविजन कर अभियुक्त बनाया हैं । जबकि चार अभियुक्त गौतम कुमार ,विजय कुमार ,मुकेश कुमार व ब्रजेश कुमार के खिलाफ सुरविजन ट्रू के प्रतिरक्षा में एएसपी हरीशंकर ने चार्जशीट दाखिल करने का आदेश दिया था जिसके आदेश पर चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया गया हैं ।
14 अगस्त 2019 को हुआ था फर्जीवाड़ा का केस
मुंगेर एमपी ललन सिंह का फर्जी पीए बनकर नौकरी के नाम पर ठगी का खेल हो रहा था। ठगी करने वाला कुणाल सरकारी गेस्ट हाउस में रूककर रूपये का वसूली करता था। यही नहीं देवघर के गेस्ट भी उसके लिए हमेशा खुला रहता था। लाखों रूपये की ठगी की शिकायतें मिल रही थी। जमीन मामले में भी ठगी किया जा रहा था। पुलिस ने शिकायत पर 14 अगस्त 2019 को कोतवाली थाने में कांड संख्या 348 /19 धारा406/420/467/468/472 /120 (बी) दर्ज किया । कुणाल की गिरफ्तारी देवघर से हुई ,इसके बाद इस गिरोह के गौतम कुमार ,विजय सिंह ,मुकेश कुमार यादव व ब्रजेश कुमार की गिरफ्तारी हुई ।
गिरफ्तार कुणाल व ब्रजेश उर्फ बमबम ने लिया पूर्व मंत्री व उनके पुत्र का नाम
फर्जीवाड़ा मामले में गिरफ्तार किया गया कुणाल और बमबम सिंह ने पुलिस के समक्ष दिये गये स्वीकृति बयान में पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह व उनके पुत्र पूर्व विधायक सुमित सिंह का नाम लिया था और बताया था की उनको संरक्षण मिलता हैं ।  5 करोड़ रूपये के एक जमीन डील में1 करोड़ रूपये पूर्व मंत्री व उनके बेटे को मिलना था। गिरफ्तार लोगों के कॉल डिटेल जब निकला तो पूर्व मंत्री और उनके पुत्र से कई बार मोबाइल पर बातचीत होने की पुष्टि हैं ।
प्रतिरक्षा में एएसपी हरी शंकर ने चार्जशीट का दिया आदेश
फर्जीवाड़ा का दर्ज कांड संख्या 348/19 का प्रवेक्षण (सुपरविजन)  एएसपी सदर हरी शंकर ने किया था। 8 लोगों को अभियुक्त मानते हुये  सुपरविजन में सत्य पाया गया ।पुलिस ने चार लोगों गौतम कुमार ,विजय सिंह ,मुकेश कुमार यादव ,ब्रजेश कुमार उर्फ बमबम को जेल भेज दिया । अभियुक्तीकरण पर आखिरी निर्णय के लिए तत्कालीन एसपी मुंगेर को निर्णय लेना था लेकिन 90 दिन होने की थी और एसपी मुंगेर ने कोई निर्णय नहीं लिया । प्रतिरक्षा में एएसपी हरी शंकर ने गिरफ्तार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने का आदेश अनुसंधानकर्ता को दिया ताकि चार्जशीट के अभाव में निचली अदालत से जमानत नहीं मिल सके । इधर पुलिस मुख्यालय ने लंबित केसों को निपटारा करने का आदेश सभी एसपी को दिया । पुलिस मुख्यालय के निर्देश के आलोक में वर्तमान मुंगेर एसपी  लिपि सिंह ने एएसपी के सुपरविजन को ट्रू कर दिया और एएसपी के सुपरविजन में दिये गये निर्देशों को पालन करने आदेश दिया । इसमें फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी की बातें हैं ।
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