रायबरेली

30 जनवरी को जिले में प्रवेश करेगी गंगा यात्रा, रायबरेली के चयनित 29 गांवो की बदली तस्वीर

ब्यूरो सुधीर त्रिवेदी

नदी नहीं संस्कार है,देश का श्रृंगार है

रायबरेली 27 जनवरी (तरुणमित्र)। नदी नहीं संस्कार है,देश का श्रृंगार है,गंगा का सम्मान,माता का सम्मान जैसे नारे लिखी सुंदर दीवारें,साफ और स्वछ मैदान,सुंदर गेट और चारो तरफ साफ सफाई यह सब बेहद उपेक्षित रहे गांवो में देखने को मिल रहा है।27 जनवरी से 31 जनवरी के बीच हो रही गंगा यात्रा ने रायबरेली के गंगा किनारे के चयनित 29 गांवो की तस्वीर ही बदल दी है।पहली बार इन गांवों में प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है।

इससे गंगा किनारे के गांवों में लोगों को एक चमक दिख रही है।जिस तरह से इन गांवों को सजाया और सवांरा जा रहा है

वह उल्लेखनीय है।साथ ही जनहित की योजनाओं को भी गंगा यात्रा से जोड़ा गया है जो कि बहुत महत्वपूर्ण है।लोगों को इस यात्रा से जोड़ने के लिए प्रशासन जागरूक भी कर रहा है।दीवारों पर की गई पेंटिंग लोगो को प्रभावित कर रही है।

गंगा यात्रा को लेकर लोगो मे गजब का उत्साह है।हालांकि यह यात्रा 30 जनवरी को जनपद में प्रवेश करेगी और लालगंज व डलमऊ में बड़े आयोजन भी किये जाएंगे।बावजूद इसके लोगों का उत्साह चरम पर है।


*गंगा यात्रा के बहाने बदली तस्वीर*
आमजन की आध्यत्मिक चेतना से जुड़ी गंगा को लेकर की जा रही गंगा यात्रा ने 29 गांवो की तस्वीर ही बदल दी है।गंगा तालाब, गंगा मैदान,गंगा चबूतरा आदि जिस तरह से बनाया और सवांरा गया है वह गांव के लोगो के लिए एक अलग अनुभव है।गांव की दीवारों पर लिखे पतित पावनी गंगा को बचाने के स्लोगन

व स्वच्छता के संदेश सभी को अभिभूत कर रहे हैं।इन गांवों में सड़क, पेयजल और प्रसाधनों को भी बनाया गया है।सभी गांवों में सरकार की योजनाओं के लिए विशेष कैम्प भी लगाए जाएंगे जिससे आयुष्मान कार्ड,जन आरोग्य कार्ड भी दिए जाएंगे साथ ही जन धन योजना,उज्ज्वला योजना व आवास का लाभ लोगों को बताया जाएगा।इस यात्रा को लेकर प्रशासन ने रात दिन तैयारी करके पूरा कर लिया है।मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार का कहना है कि गंगा यात्रा को लेकर सभी कार्य लगभग पूरे कर लिए गए है और कार्यक्रम की रूपरेखा भी बना ली गई है।
गंगा यात्रा के माध्यम से  लोगों का  बढ़ रहा  लगाव

गंगा यात्रा से लोगो का जुड़ाव देखने को मिल रहा है। सरकारी आयोजन के बावजूद गंगा यात्रा में जिस तरह से जनहित की योजनाओं के साथ लोगो को जोड़ा जा रहा है,उससे लोगो का उत्साह इसको लेकर और भी बढ़ गया है।कोटरा गांव के राम मिलन, अशोक व धीरेंद्र सिंह का कहना है कि इस यात्रा ने गंगा कटरी क्षेत्र के उपेक्षित लोगो को अपने साथ जोड़ा है।गोकना कि जितेंद्र व खरौली के रामगुलाम व दिनेश पाण्डे आशावान है उनके अनुसार गंगा लोगो मे मन से जुड़ी है और पहली बार इस यात्रा के माध्यम से प्रसाशन इन गांवों में पहुंच रहा है उससे इनकी समस्याओं को जरूर निजात मिलेगी।इन गावँ के लोगों का उत्साह इस यात्रा को लेकर जिस तरह देखने को मिल रहा है उससे पता चलता है कि गंगा यात्रा ने लोगो को अपने से जोड़ लिया है और एक उम्मीद भी दी है।  गंगा तटीय गांव के विद्यालयों का  सुंदरीकरण जोरो से किया जा रहा है।

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