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भारत ने पाक पर साधा निशाना कहा पाकिस्तान बन चुका हैं टेररिस्तान…

संयुक्त राष्ट्र। भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी के कश्मीर पर दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि पाकिस्तान ‘टेररिस्तान’ बन चुका है और उसे दूसरों को मानवाधिकारों की सीख देने का अधिकार नहीं है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के वक्तव्य पर जवाब के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए भारत की प्रथम सचिव ईनम गंभीर ने महासभा में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने पर पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया और कहा है कि उसे यह समझ लेना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा बना रहेगा।

पाकिस्तान चाहे सीमा पार से आतंकवाद कितना भी बढ़ा ले लेकिन वह भारत की अखंडता को कमजोर नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि जिस पाकिस्तान की गलियों में आतंकवादी खुले आम घूमते हों, वह भारत को मानवाधिकारों की सुरक्षा का पाठ पढ़ा रहा है। दुनिया ऐसे देश से मानवाधिकारों और लोकतंत्र का पाठ नहीं पढऩा चाहती जो इस संबंध में पहले ही असफल हो चुका है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के 72वें सत्र को गुरुवार को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भारत पर कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था और इसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच कराने की मांग की थी।

ईनम गंभीर ने पाकिस्तान को ‘टेररिस्तान’ बताया और कहा कि अपने छोटे से इतिहास में पाकिस्तान आतंक का पर्याय बन चुका है। पाकिस्तान भौगोलिक रूप से ‘टेररिस्तान’ बन चुका है जहां आतंकवाद को सरंक्षण मिलने के साथ ही दूसरे मुल्कों में पांव पसारने का मौका भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह बड़ी विचित्र बात है कि जिस देश ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी सरगना ओसामा बिन लादेन को पनाह दे रखी थी और मुल्ला उमर जैसे आतंकवादियों को शरण दी वह अपने को आतंकवाद पीडि़त के तौर पर पेश कर रहा है।

लेकिन उसकी असलियत सभी पड़ोसी देश और पूरी दुनिया जान चुकी है। यह सम्मानित महासभा तथा दुनिया जानती है कि नए तथ्य घडऩे की कोशिश करने से हकीकत नहीं बदलती। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आज यह स्थिति है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित लश्कर-ए-तैयबा के मुखिया हाफिज सईद को एक राजनीतिक पार्टी के नेता के रूप में वैधानिक मान्यता देने की कोशिश की जा रही है। यह एक ऐसा देश है जहां अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों को छावनियों में सुरक्षित पनाह दी जाती है या उन्हें राजनीतिक जीवन में लाकर सुरक्षा दी जाती है।

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