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सरकार और न्यायपालिका के बीच ठना—ठनी, कानून मंत्री ने दिया ये बड़ा बयान

नई दिल्ली। पिछले काफी समय से सरकार और न्यायपालिका में टकराव की खबरें सुनने को मिल रही हैं। अब देश के कानून मंत्री ने एक बयान देकर इन खबरों की पुष्टि कर दी है। कानून मंत्री ने कहा कि “सरकार चलाने की जिम्मेदारी उन्हीं लोगों पर छोड़ देनी चाहिए, जिन्हें लोगों ने निर्वाचित किया है।”

शुक्रवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के एक कार्यक्रम में बोलते हुए देश के कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि “मैं आजकल देख रहा हूं कि कुछ अदालतों में शासन संभालने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, इस रवैये पर चिंतन करने की जरुरत है।” कानून मंत्री ने कहा कि “सरकार चलाने का काम उन्हीं लोगों पर छोड़ देना चाहिए, जिन्हें जनता ने इसके लिए चुना है।”

बता दें कि कानून मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मेमोरेंडम प्रोसेस को लेकर सरकार और न्यायपालिका में मतभेद चल रहे हैं। इसके साथ ही रोहिंग्या मुसलमानों को वापस भेजने के मुद्दे पर भी केन्द्र सरकार और मानवाधिकार आयोग में मतभेद हैं। ऐसे में यह टिप्पणी साफ तौर पर किस मुद्दे के लिए थी, यह तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन यह बात जगजाहिर हो गई है कि सरकार और न्यायपालिका में एक स्तर पर टकराव चल रहा है।

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