खाना पकाना

में अपनी मॉम से इंस्पायर हुआ हूं:रोहित गुर्जर 

हालही में चर्चे में रहे फूड शो खाने का खजाना में सेफ के तौर पर नजर आनेवाले रोहित गुर्जर के साथ  इंटरव्यू के दौरान की बातचीत के मुख्य अंश पेश

सेफ के तौर पर आप लोगों को कैसा खाना खाने के लिए आग्रह करते हो और कैसा खाना अवॉइड करना चाहिए?

हम कभी होटल में खाना खाने जाते हैं तो हम ऐसी चीज आर्डर कर देते हैं जिनके बारे में हम जानते नही है, और कस्टमर के तौर पर हमें शर्माना नही चाहिए। वेटर को आप बिना जिजक पूछ लीजिएगा जिनके बारे में आपको पता नही है।

आपका खुदका फेवरिट फूड कौनसा है अगर कोई आपको खाना बनाने के लिए कहे तो वह ऑप्शन सबसे आगे रखते हो?

में घर छोले बहुत अच्छे बनाता हूं मेरी बेस्ट रेसिपी है आज तक कि। घर पर कोई गेस्ट आता है तो बिरियानी बना लेता हूं दाल को डबल तड़का देखर बनाता हूँ।

ख़ासकर महिलाओं पर खाना बनाते के लिए किचन का बोझ दिया जाता है, क्या आपके हिसाब से पुरूष भी घर पर ज्यादातर खाना बनाई उसके लिए कैसे बदलाव की जरूरत है?

में एक ऐसे बग्राउंड से आया हूं मेरी मोमन घर से मैथ का काम किया है। में बचपन मे टिफिन डिलेवर करता था। तो यह सेल्फडिफेंस होना जरूरी। पैरेंट्स को अपने बच्चों को खाना इसीलिए नही सिखाना चाहिए के उनको घर पर हेल्प करना है बल्कि इसलिए कि जब वह पढ़ाई करने जाते हैं मैंने देखना है पीजी बिचारे उनको चाय बनानी भी नही आती। तो इतना तो बेजीक खाना बनाना आना चाहिए।पैरेंट्स को अपने बच्चों को ऐसे ट्रीट करना चाहिए की बच्चा किसी पर डिपेंट न रहे।

आपकी जर्नी कैसी रही और अपने सेफ बनाना क्यो तय किया?

मैंने होटल मैनेजमेंट किया था मुंबई में।तब पढ़ाई करने के लिए पैसे कम थे। और में अपनी मोम से इंस्पायर हुआ हूं, में संजीव सर को देखता था और सेफ क्या होते है वो बताना था।

-दिनेश ज़ाला

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