अयोध्याउत्तर प्रदेश

बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की तोड़ी कमर

रुदौली-अयोध्या। बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि ने क्षेत्र के चना,मसूर, सरसों और मटर उत्पादकों की कमर तोड़ दी है। सबसे अधिक नुकसान मसूर,सरसो और मटर को पहुंचा है। गेहूं की फसल में भी 20 फीसद नुकसान की आशंका जताई जा रही है। मौसम अनुकूल रहता तो अगले सप्ताह से मसूर, सरसों की कटाई शुरू हो जाती।कही कही कटाई शुरू भी हो गई है। मार्च के पहले सप्ताह हुई बारिश से तापमान नीचे गिरा है। इससे मटर, सरसों ,चना और मसूर की खेती को काफी नुकसान हुआ है। फसल अब जब पकने को तैयार हैं तो बेमौसम बारिश ने किसानों के घर पहुचने से पहले ही फसलों पर कहर ढा दिया।कृषि रक्षा इकाई भेलसर के प्रभारी अनिल गौड़ ने बताया कि मौसम अनुकूल रहता तो अगले सप्ताह तक इन फसलों की कटाई शुरू हो जाती,कुछ फसलों की कटाई तो शुरू भी हो गई है। बारिश से फसलों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। वहीं बारिश के साथ हवा की वजह से कही खीबगेहूं की फसल भी गिर गई है।कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक नवंबर के दौरान बोई गेहूं की फसल को ही ज्यादा नुकसान पहुंचा है। गिरी हुई फसल में जहां चूहे लगने का खतरा हैं वहीं सड़न भी पैदा हो जाती है। हवा के साथ हुई बारिश की वजह से बागों को भी नुकसान पहुचा है। आम का बौर जहां गिर गया है, जिससे आम की फसल कम आने की आशंका जताई जा रही है। इस समय वसंतकालीन गन्ने की बुआई चल रही है, लेकिन बारिश होने की वजह से बुआई प्रभावित हो रही है।रौजागांव चीनी मिल के उप गन्ना प्रबन्धक अजय राय बताया कि अधिकांश किसानों ने फसल बुआई के लिए खेतों को तैयार कर लिया है। अब बारिश से कम से कम एक सप्ताह देरी से गन्ने की बुआई हो सकेगी।

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