उत्तर प्रदेश

पुलिस आपात सहायता 112 की महिला कांस्टेबल के जज्बे को ADG का सलाम,जानिए पूरा मामला

21 दिन के लॉक डाउन घोषणा सुनने के बाद मनीषा पवार ने व्हाट्सएप से दिया प्रार्थना पत्र

लखनऊ | कोरोना वायरस के लगातार फैलते संक्रमण के चलते मंगलवार रात 8 बजे देश में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की है | इसी के साथ सभी देशवासियों से लॉकडाउन में सहयोग की अपेक्षा भी की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि रात 12 बजे जो जहां है, वहीं पर रुक जाए और लॉकडाउन से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें | लेकिन लॉकडाउन के समय आकस्मिक सेवाओं में शामिल पुलिस पर जिम्मेदारी और बढ़ जाती है | इसी लॉक डाउन के समय कर्तव्य निभाने का ऐसा ही एक मामला सामने आया है |

दरअसल यूपी पुलिस की इमरजेंसी सेवा यूपी 112 के एडीजी असीम अरुण और कानपुर नगर में यूपी 112 की पुलिस रिस्पांस व्हीकल पर तैनात महिला सिपाही मनीषा पवार ने संकट की इस घड़ी में कर्तव्य की मिसाल पेश की है | मनीषा पवार 18 मार्च को 7 दिन के आकस्मिक अवकाश पर कानपुर से अपने गृह जनपद हापुड़ गई थीं |

एडीजी असीम अरुण ने बताया कि कल रात प्रधानमंत्री जी के 21 दिन के लॉक डाउन घोषणा सुनने के बाद मनीषा पवार ने व्हाट्सएप के माध्यम से एक प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें 21 दिनों के लिए जो जहां हैं वहीं रुक जाने का ज़िक्र था. मनीषा ने लिखा था कि उसको कानपुर पहुंचने में दिक्कत होगी, लिहाजा मनीषा ने एडीजी से गुजारिश की कि संकट के इस दौर में उसे हापुड़ जिले में ही सेवा का मौका दिया जाए. मनीषा के प्रार्थना पत्र पर असीम अरुण ने फौरन उसे हापुड़ संबद्ध करने का आदेश जारी कर दिया | लॉक डाउन ख़त्म होते ही मनीषा स्वतः अपने तैनाती के जिले कानपुर चली जाएगी |

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