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सावधान: लोगों के बीच कोरोना के डर का फायदा उठा चाहते है ठग, ध्यान दें इन बातों पर नहीं तो होगा भारी नुकसान

कोरोना के संक्रमण के बीच जालसाज भी लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए पैंतरे आजमा रहे हैं। होम फ्रॉम वर्क के कल्चर के बीच लोगों को जालसाजी में फंसाने का सबसे आसान तरीका फ्री इंटरनेट बन गया है। वॉट्सअप, फेसबुक, ट्यूटर, ईमेल सहित अन्य सोशल साइट्स के माध्यम से लोगों के पास बल्क में मैसेज भेजे जा रहे हैं। यहीं नहीं कुछ जालसाज लोगों के पास सीधे कॉल कर नामी कम्पनियों का माल सस्ते में खरीदने का ऑफर कर रहे हैं।

केस-एक
सोशल साइट्स पर एक नामी दूरसंचार कम्पनी की तरफ से लोगों को मैसेज भेजे जा रहे हैं, जिसमें बताया जा रहा है कि कोरोना के इस कठिन संकट से निकलने के लिए हर ग्राहक को 498 रुपए का फ्री-रिचार्ज दिया जा रहा है। इसके नीचे एक लिंक दिया गया है।

केस-दो
सोशल साइट्स पर ही एक दूसरा मैसेज विभिन्न संचार कम्पनियों के सिम पर 60 दिनों के लिए 50 जीबी का फ्री इंटरनेट देने की पेशकश की गई है। इसके लिए अलग-अलग लिंक ओपन करने के लिए दिए गए हैं। दिए गए लिंक को ओपन करके लोगों से रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा जा रहा है।

केस-तीन
लोगों के पास अलग-अलग कम्पनियों के नाम पर फोन आ रहे हैं, इसमें हवाला दिया जा रहा है कि कोरोना वायरस के चलते माल डम्प हो गया है। मार्च की वित्तीय समाप्ति का हवाला देकर सस्ते में नामी कम्पनियों के प्रोड्क्ट बेचने का ऑफर दिया जा रहा है।

सस्ते में खरीदने के चक्कर में गंवायी रकम
जानकारी के अनुसार पिछले एक सप्ताह में स्टेट सायबर सेल और पुलिस के पास इस तरह की 15 शिकायतें पहुंची हैं, इसमें लोगों के खाते से पैसे कट गए। अधारताल कंचनपुर निवासी श्यामसुंदर वर्मा ने शिकायत कर बताया कि ईमेल पर मोबाइल सस्ते में खरीदने के चक्कर में उनके खाते से आठ हजार रुपए कट गए, वहीं बिलहरी निवासी पंकज आहूजा ने फ्री डाटा के चक्कर में लिंक ओपन किया और अपने खाते से 17 हजार 449 रुपए गंवा बैठे।

सायबर सेल ने जारी की एडवाइजरी
स्टेट सायबर पुलिस की तरफ से जारी अलर्ट में बताया गया कि कोरोना के खतरे के बीच साइबर ठगों ने पिछले 20 दिनों में 2300 वेबसाइट के डोमेने रजिस्ट्रेशन कराए हैं। कोरोना को लेकर सर्च पर करने पर ये फेंक साइट सामने आ रही हैं। आईटी मंत्रालय की कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉंस टीम सर्ट-इन ने सोमवार को इसे लेकर अलर्ट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि कोरोना के बारे में अधिक से अधिक जानकारी पाने की लोगों की ललक को देखते हुए उन्हें फिशिंग का शिकार बनाना आसान हो गया है। जालसाज वेबसाइटों के जरिए लोगों की गोपनीय जानकारी चुरा रहे हैं।

ये दिए गए सुझाव-
-फिशिंग या संदिग्ध ईमेल क्लिक न करें।
-वेबसाइटस पर कोई विज्ञापन न खोलें।
-प्रमाणित होने पर ही अपने संगठन को अपने कम्प्यूटर का रिमोट एक्सेस दें
-वर्क फ्रॉम होम को देखते हुए ऑनलाइन दिए गए किसी भी झांसे में न फंसें।
-कोई भी फेंक कॉल या सस्ते में प्रोड्क्ट मिलने के झांसे में फंसकर एडवांस में पेमेंट न करें।

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