उत्तर प्रदेश

राहगीरों को बंट रहा खाना,तो मजदूर झोपड़ियों में भूखे पेट सोने पर मजबूर

लखनऊ। ग्लोबल कोरोना वायरस को लेकर देश में 14 अप्रैल तक लॉक डाउन किया गया है। जिसके बाद लोग घरों में कैद को गए है। सभी जगह काम ठप्प हो गया है जिसके चलते मजदूरों को काम भी नही मिल पा रहा है और आमदनी न होने के चलते दिहाड़ी मजदूरो का खाने के लाले पड़ गए हैं। शासन से लेकर प्रशासन तक लाख दावे कर रहा है कि लॉकडाउन के दौरान कोई भी भूखा नहीं रहेगा। सड़कों पर घूम रहे लोगों के साथ ही रोजमर्रा की जिंदगी गुजारने वाले मजदूरों तक खाना पहुंचाया जा रहा है।

लेकिन रविवार को तरुण मित्र की टीम ने झोपड़पट्टियों में जाकर इसका जायजा लिया तो इसकी हकीकत कुछ और ही देखने को मिली। जहां जिंदगी गुजार रहे लोगों से बात की तो उन लोगों ने बताया कि यहां नगर निगम की गाड़ी केवल पहले दिन ही आई थी लेकिन उसके बाद से आज तक नहीं पहुंची है। यहां पर एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि उसने आज दो दिनों से खाना नहीं खाया है। जिसके कारण उसकी तबियत भी खराब हो रही है।

लेकिन देखने वाली बात तो यह है कि सरकार की तरफ से जो खाने पीने का सामान मुहैया कराया जा रहा है। अगर खाने पीने का सामान उन तक नहीं पहुंच रहा है। ऐसें में गरीब मजदूर भूखे पेट ही सोने पर मजबूर हैं ।

 

(रिपोर्ट-सत्य प्रकाश भारती)

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