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कोरोना इफेक्ट: आपदा की घड़ी में प्रधानमंत्री कोष PMNRF खाता हुआ लॉक, फंड में हैं 486 करोड़

"पीएम केयर, के गठन पर पूर्व मंत्री सह कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सवाल खड़ा किया हैं और अपने टियूटर अकाउंट पर लिखा हैं की " पीएमएनआरएफ, एक पारदर्शिता वाला फंड है जबकि "पीएम केयर, का प्रमाणिकता नहीं हैं।

> लिंक फेल के कारण 72 घंटे तक नहीं होगा कोई ट्रांजेक्शन
>> आपदा से पीडि़त लोगों की सहायता के लिए सन् 1948 में बनाया गया था पीएमएनआरएफ
>> विकल्प के तौर पर पीएम केयर हैं उपलब्ध, नरेंद्र मोदी के अपील के बाद कोरोना को हराने के लिए कोष में आया करोड़ों।
>> पूर्व मंत्री वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शशी थरूर ने पीएम केयर पर खड़ा किया है सवाल।

रवीश कुमार मणि
पटना (अ सं) । देश – दुनिया में पैर पसार चुका ” कोरोना ” से अबतक 30 हजार से ऊपर लोगों की अकाल मृत्यु हो चुकी हैं और धीरे -धीरे आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा हैं। लाखों लोग कोरोना के बीमारी से संक्रमित से जूझ रहे हैं। कोरोना से बचाव का मात्र उपाय है सार्वजनिक दूरी। इससे कम नुकसान हो इसको लेकर कई आर्थिक और सर्व सम्पन्न देशों में लॉकडाउन हैं।

कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए भारत में भी 14 अप्रैल तक लॉकडाउन जारी हैं । इससे प्रभावित और पीडि़त लोगों की मदद के लिए दान स्वरूप लाखों -करोड़ों रूपये दे रहे हैं । इस आपदा में देश की आंतरिक सुरक्षा में जुटी सीआरपीएफ ने सर्व प्रथम 33 करोड़ 81 लाख रूपये पीएमएनआरएफ (प्राइम मिनिस्टर्स नेशनल रिलीफ फंड) में दिया हैं।

रक्षा मंत्रालय, आईएएस एसोसिएशन ,उद्योगपति, समाजिक कार्यकर्ता ,नेता, अभिनेता, जन प्रतिनिधि आदि स्वेच्छा से आर्थिक दान दे रहे हैं। सभी लोग कोरोना को हराने के लिए एक-दूसरे को हौसला दे रहे हैं और सरकार को साथ दे रहे हैं। इसी क्रम में पीएमएनआरएफ (प्राइम मिनिस्टर्स नेशनल रिलीफ फंड) साइट लॉक डाउन हो गया हैं। पीएमएनआरएफ का लिंक फेल होने के कारण अभी किसी प्रकार का कोई ट्रांजेक्शन नहीं किया जा सकता हैं। जबकि पीएमएनआरएफ में सन् 2019 (मार्च तक) 486 करोड़, 7लाख,96 हजार 410 रूपये शेष हैं। जो वर्तमान आपदा के घड़ी में देश का काम आ सकता हैं।

72 घंटे का करना होगा इंतजार
कोरोना को हराने के लिए लोग आर्थिक दान पीएमएनआरएफ (प्राइम मिनिस्टर्स नेशनल रिलीफ फंड ) में दिल खोलकर दे रहे थे।इसी क्रम में पीएमएनआरएफ,साइट अचानक लॉकडाउन हो गया हैं । नोट के तौर पर लिखा गया हैं की अगले 72 घंटे तक कोई भी ट्रांजेक्शन नहीं किया जा सकता। इसके लिए आपको 72 घंटे का इंतजार करना पड़ेगा।

सन् 1948 में बना था पीएमएनआरएफ
देश के आजादी बाद ही सन् 1948 में प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने आपदा से पीडि़त लोगों के मदद के लिए पीएमएनआरएफ (प्राइम मिनिस्टर्स नेशनल रिलीफ फंड ) यानी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सहायता कोष बनाया था। स्वेच्छा अनुसार भारतीय और दूसरे देश में रहने वाले भारतीय नागरिक आर्थिक दान देते हैं। ताकि आपदा में यह राशि पीडि़तों के सहायता के लिए खर्च किया जाएं। देश के जो भी प्रधानमंत्री रहेंगे उनके निर्देश पर यह राशि पीडि़तों के मदद के लिए दिये जाते हैं इस कोष में सहायता देने वाले व्यक्तियों को उस राशि का आयकर मुक्त रखा गया हैं। इस राशि का आय और खर्च और शेष राशि का पुरा विवरण पीएमएनआरएफ साइट पर प्रदर्शित रहती हैं

पीएम मोदी ने दिया विकल्प, उठ रहा सवाल
कोरोना को हराने और इस आपदा से देश को सुरक्षित रखने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने लोगों से आर्थिक दान, सहायता की अपील किया हैं। इसके लिए ” पीएम केयर ” बनाया गया हैं और अकाउंट नंबर दिया गया हैं। पीएम के अपील के बाद देश के बड़े -बड़े उद्योगपति, नेता, अभिनेता, समाजिक व्यक्ति, पूंजीपतिओं ने पुरे हाथ खोलकर आर्थिक दान सहित करोड़ों रूपये दे रहे है ताकि इस आपदा की घड़ी में निपटा जाएं। इधर नया फंड, “पीएम केयर, के गठन पर पूर्व मंत्री सह कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सवाल खड़ा किया हैं और अपने टियूटर अकाउंट पर लिखा हैं की ” पीएमएनआरएफ, एक पारदर्शिता वाला फंड है जबकि “पीएम केयर, का प्रमाणिकता नहीं हैं।

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