उत्तर प्रदेशहरदोई

जरूरतों के आगे बेबस दिखे खाताधारक, बैंक प्रबंधकों को भी नहीं खाताधारकों की जान की परवाह

जरूरतों के आगे बेबस दिखे खाताधारक, बैंक प्रबंधकों को भी नहीं खाताधारकों की जान की परवाह

हरदोई।वर्तमान समय में सारा देश कोरोना महामारी से आशंकित है और भारत के तमाम लोग इससे बचने के लिए एक प्रकार की जंग जैसी लड रहे हैं और इससे बचाव के लिए लोग खुद को व परिवार को घरों में कैद भी किए हैं लेकिन इसके विपरीत आज भी पचकोहरा क्षेत्र के तमाम गरीब खाताधारक अपनों की जिंदगी की तमाम जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी बेबसी के चलते अपनी जिंदगी को खतरे में डालकर बैंकों के गेट पर लाइन लगाए खड़े हैं।बताते चलें कि आर्यावर्त बैंक शाखा लालपालपुर और बम्हनाखेड़ा की जहां पर सोंमवार को बैंक के गेट पर ही दर्जनों खाताधारक मजबूरी व बेबसी के कारण बैंक के गेट पर खड़े होने को मजबूर दिखे। इन सभी को अपने परिवार की जरूरतों ने इतना बेबस बना दिया है कि इनकों कोरोना जैसी घातक महामारी का भी खतरा नहीं। इनमें से किसी खाताधारक को अपनों की बीमारी में इलाज के लिए रूपयों की जरूरत तो किसी को परिवार के लोगों के पेट पालने की चिंता और इन चिंताओं ने ही इनको इतना बेबस और मजबूर कर दिया कि इन सभी को अपनी जान तक का खतरा नहीं है।खैर ये सभी तो अपनी बेबसी और गरीबी से मजबूर हैं लेकिन क्या इन बैंकों के प्रंबधकों को भी इनकी जान की चिंता नहीं। खुद को बचाने के लिए उन्होंने अपने आप को बैंक अंदर सुरक्षित कर लिया है लेकिन बैंक के गेट पर किसी भी गरीब खाताधारक को कुछ भी हो जाए ,इसके लिए उनको कोई परवाह नहीं ,जबकि ऐसे जिम्मेदार लोग ये भूल जाते हैं कि इन्ही खाताधारकों की मेहनत के अंश से आपके परिवार का पेट चलता है। जब बैंक में खाताधारक ही नहीं होंगे तो आपका प्रंबधन भी आप पर मेहरबान नहीं होगा।

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