उत्तर प्रदेशमथुरा

मथुरा में पकड़े गये 51 जमाती, मस्जिद में डाल रखा था डेरा

  • सभी को 14 दिन के लिए क्वारंटाइन में रखा जाएगा,
  • जांच रिपोर्ट के बाद साफ होगी स्थिति
  •  कई निजामुद्दीन के जलसे में शामिल हो कर आये हैं
  • पकड़े गये सभी लोग बाहरी जनपदों के रहने वाले हैं

मथुरा। कोरोना से लड़ रही कान्हा की नगरी में मंगलवार को दहशत का माहौल था। लाकडाउन की पाबंदियों का हिम्मत से पालन कर रहे लोगों के चेहरों पर मंगलवार को अचानक खौफ पसर गया।

निजामुद्दीन में हुए धार्मिक जलसे में मथुरा के दो लोगों के शामिल होने की खबर डीजीपी कार्यालय से मथुरा पुलिस को भेजी गई तो मथुरा पुलिस और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया। खुफिया तंत्र को पता लगा कि मथुरा में कुछ स्थानों पर जमात के रूप में कुछ लोग मस्जिदों में ठहरे हुए हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से कई लोग निजामुद्दीन के जलसे में शामिल होकर यहां आये हैं। खुफिया विभाग ने पड़ताल की तो ऐसे 51 लोगों की सूची बन गई, जो जमात के रूप में यहां आये हैं। खुफिया विभाग की रिपोर्ट पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम इनकी तलाश में जुट गई।

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम धरपकड़ में जुटी तो गोविंदनगर क्षेत्र में मरकज से 14 लोगों को पकड़ा गया। विष्णुपुरी मस्जिद से सात लोगों को पकड़ा गया। वहीं फरह क्षेत्र के कस्बा ओल क्षेत्र की मस्जिद से 30 लोगों को पकड़ा गया है। इन सभी लोगों का परीक्षण किया गया है। सभी लोगों को 14 दिन के लिए क्वारंटाइन में रखा जाएगा।

इन सभी लोगों को वृंदावन में अग्रसेन धर्मशाला वृंदावन में रखा गया है। बताया गया कि पकड़े गये सभी लोग आगरा, मुजफ्फरनगर और शामली के रहने वाले हैं।पकड़े गये सभी लोग बाहरी जनपदों के रहने वाले हैं। इतनी बड़ी संख्या में इन लोगों के पकड़े जाने पर यहां हड़कंप मच गया है। न केवल स्वास्थ्य विभाग बल्कि पुलिस और आमजन भी इसे लेकर चिंता में पड़ गये हैं।कोरोना वाइरस संक्रमण को लेकर जिले में पुलिस प्रशासन ने संदिग्धों पर नजर रखने को खुफिया जाल बिछा रखा है।

देर से जागा प्रशासन, नहीं ली मस्जिदों की टोह
कोरोना वाइरस की रोकथाम को लेकर प्रशासन कई जरूरी कदम उठाने में देरी कर गया है। यह देरी यहां रूके विदेशी नागरिकों की टोह लेने में भी हुई औ मस्जिदों में रूके बाहरी लोगों का पता लगाने में भी, प्रशासन का पूरा ध्यान लोगों को घरों में रखने पर लगा रहा और इस बीच ऐसी कई गलतियां हो गईं जिसका बडा खामियाजा भुगतना पड सकता है। ये गलतियां इतनी बडी हैं कि पूरी कावायद पर भी पानी फेर सकती हैं।

छुपाने वालों पर भी हो कडी कार्यवाही
दूसरी जगहों पर भी ऐसे लोग छुपे हो सकते हैं। बाहर से आ रहे लोगों की सूचना नहीं देने वाले और लोगों को छुपाने वालों पर जब तक कडी कार्यवाही नहीं होगी तब तक कोरोना वाइरस की चुनौती का सामना करना संभव नहीं है। जब निजामुद्दीन के जलसे को लेकर पूरा देश परेशान है ऐसे में इसी जलसे में सामिल होकर आये लोगों को छुपाने वालों ने जानबूझ कर पूरे समाज को खतरे में डाला है।

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