पटनाबिहार

लॉकडाउन में वसूल लिया 1.5 करोड़ जुर्माना , इसके कीमत बराबर भी सरकार नहीं बांट सकी मास्क !

50 रूपये की रेट से जुर्माना की राशि से खरीदे जा सकते है 3 लाख मास्क
>> एम्स मेडिसिन के हेड ऑफ डिपार्टमेंट ने सभी को बताया हैं मास्क को अनिवार्य
>> स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रतिदिन किया जाता है प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकिन कितने मास्क और सैनिटाइजर की गयी आपूर्ति और वितरण ,इसका नहीं बताया जाता विवरण
रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) ।  ”  कोरोना ” से निपटने के लिए राज्य सरकार सक्रियता से पीड़ितों को स्वास्थ्य व्यवस्था एवं आम लोगों की सुरक्षा का दावा कर रही हैं । इसके संक्रमण से बचने के लिए  पुरे देश में लॉकडाउन लागू हैं । सख्ती से पालन कराने में पुलिस -प्रशासन जुटी हैं । बिहार पुलिस लॉकडाउन के दौरान दसवें दिन करीब 1.5 करोड़ रूपये जुर्माना की वसूली की हैं । जमीनी हकीकत की बात करें तो जुर्माना राशि के बराबर का भी मास्क का वितरण राज्य सरकार द्वारा नहीं किया गया हैं । आम लोगों को तो दूर कोरोना को हराने में दिन-रात जुटे अधिकांश स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस कर्मियों में मास्क और सैनिटाइजर की उपलब्धता नहीं रहने के कारण आक्रोश की बातें सामने आ चुकी हैं ।
जुर्माना की राशि से खरीद हो जाती 3 लाख मास्क
कोरोना को लेकर सख्ती से लॉकडाफन लागू कराने के लिए प्रतिदिन बिहार पुलिस मुख्यालय प्रेस विज्ञप्ति जारी करती हैं ।2 अप्रैल ,गुरुवार  को जारी लॉकडाउन का दस दिन हुये हैं । पुलिस मुख्यालय की ओर से बताया गया हैं की लॉकडाउन के उल्लंघन करने के आरोप में 1 करोड़ 46 लाख 89 हजार 850 रूपये का जुर्माना की वसूली की गयी हैं । बाजार में उपलब्ध कपड़े वाले मास्क की बात करें तो एक मास्क की कीमत 50 रूपये ( खुदरा भाव ) हैं । इस अनुसार जुर्माना की राशि करीब 1.5 करोड़ के बराबर 3 लाख मास्क होती हैं ।
कोरोना से बचाव के लिए मास्क अनिवार्य -एम्स
एम्स के मेडिसिन विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट डा रवी कृति ने दिये गये प्रेस इंटरव्यू में बताया हैं की कोरोना से बचाव के लिए सभी लोगों को मास्क लगाना अनिवार्य हैं । उन्होंने बताया की मास्क लगाने से यह फायदा हैं की संक्रमित व्यक्ति या अन्य कोई भी व्यक्ति खांसता है तो उसका खांसी उसी मास्क के अंदर रह जाता हैं और संक्रमण बाहर नहीं जाता हैं । संक्रमण से बचने के लिए मास्क उपयोगी हैं ।
मास्क के आपूर्ति और वितरण का कोई विवरण नहीं
कोरोना को लेकर बिहार सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव द्वारा प्रतिदिन प्रेस कॉन्फ्रेंस किया जाता हैं । कोरोना के संभावित संक्रमण , कोरोना पीड़ित और मृत्यु की जानकारी साझा किया जाता हैं । कोरोना से प्राथमिक बचाव के लिए सभी को मास्क और सैनिटाइजर जरूरी हैं । आम लोगों के वितरण के लिए स्वास्थ्य विभाग या आपदा विभाग ने कितने मास्क और सैनिटाइजर की आपूर्ति किया ,कितना लोगों के बीच में वितरण किया गया ,इसका विवरण साझा नहीं किया जाता हैं । जबकि कोरोना से बचाव के लिए मास्क की उपलब्धता जरूरी हैं ,गरीबों में इसका वितरण भी जरूरी हैं ।
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