पटनाबिहार

मोमबत्ती का ब्लैक मार्केटिंग ने पीएम के द्वीप जलाओ, कोरोना को एकता से हराओ मिशन बना मुश्किल !

बाजार में मिट्टी का दीया और मोमबत्ती की भारी किल्लत ,मोबाइल का फ्लैश लाइट बना विकल्प
>> रविवार को रात्री 9 बजे सोशल डिस्टेंस बना मोमबत्ती, दीया और फ्लैश लाइट जलाने का पीएम ने किया है अपील
रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) । ” कोरोना ” के संक्रमण से जूझ रही पुरी दुनिया , , इसपर काबू पाने के लिए विभिन्न तरीके अपना रही हैं । चुकी अभी तक इसका कोई दवा नहीं निकल सकी हैं इसलिए लॉकडाउन को ही प्रभावशाली माना जा रहा हैं । लॉकडाउन लागू करने के पूर्व पीएम नरेंद्र मोदी के अपील पर पुरे देशवासियों ने थाली पिटकर एकता का परिचय दिया था। पुनः एक बार पीएम नरेंद्र मोदी के अपील पर रविवार को मोमबत्ती, दीया और फ्लैश लाइट ( टार्च ) जलाने का अपील किया गया हैं । अपील अनुसार 9 बजे रात्री को सोशल डिस्टेंस बना अपने घर के बाहर, बालकोनी, छत पर सभी देशवासी 9 मिनट तक मोमबत्ती, दीया, फ्लैश लाइट जलाएंगे। हालाँकि की पीएम के अपील में इसके पीछे का साइंटिफिक रीजन नहीं बताएं जाने के कारण सोशल मीडिया पर लोगों ने कई तरह का सवाल भी खड़ा किया हैं । इधर पीएम के अपील के बाद मोमबत्ती और दीया खरीद के लिए किराना दुकानें पर लॉकडाउन में भी तांता लगा हुआ हैं । मोमबत्ती के साधारण पॉकेट जो 15 ,25 ,30 ,50 रूपये में मिलता था उसकी कीमत तीन गुणा से चार गुणा तक बेचा गया । मोमबत्ती को आउट ऑफ मार्केटिंग बताकर दुकानदारों ने एक-एक मोमबत्ती  50 -100 रूपये तक बिक्री किया गया हैं । सबसे बड़ी बात तो यह हैं की चार गुणा से दस गुणा कीमत होने के बावजूद भी लोगों ने रूचि लेकर सिर्फ अपने ही लिये नहीं बल्कि पुरे परिवार के लिए मोमबत्ती खरीद रहे हैं । मोमबत्ती का ब्लैक मार्केटिंग के बाद शनिवार के दोपहर तक ही कई बड़े शहरों से मोमबत्ती बाजार से समाप्त हो गया । कुछ छोटे बाजारों में मिट्टी का दीया बिक्री हुईं । मिट्टी का दीया जहां 1  रूपये ( छोटा ) 5 रूपये (बड़ा ) में मिलता था । मांग बढ़ता देख मिट्टी की दीया का भी 5 गुणा से 10 गुणा कीमतों पर बेचा गया लेकिन यह भी दो से तीन घंटे में खत्म हो गया । शनिवार के देर शाम दीया भी आउट ऑफ मार्केट हो गया । मिट्टी के दीये का एक दिन में तैयार करना संभव नहीं हैं । लॉकडाउन होने के कारण बर्तन की दुकानें भी बंद है जिसके कारण पितल का दीया भी मिलना संभव नहीं हैं । इस तरह मोमबत्ती और दीया की किल्लत के कारण मोबाइल का फ्लैश लाइट ही मात्र एक विकल्प बनता दिख रहा हैं ।
चीन से आया है कोरोना एवं मोमबत्ती
चीन से फैला कोरोना ने पुरे दुनिया में तबाही मचा रखा हैं । हजारों लोगों को अकाल मृत्यु हो गयी है और लाखों लोग इससे जूझ रहे हैं । कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए फिलहाल एक उपाय के तौर पर सोशल डिस्टेंश हैं । सोशल डिस्टेंश को प्रभावकारी बनाने के लिए एकता कायम हेतु रविवार को मोमबत्ती ,दीया और फ्लैश लाइट जलाया जाएगा ।
   मोमबत्ती की बात करें तो इसका प्रथम उपयोग और निर्माण करने वाला देश चीन था। तब मोमबत्ती का निर्माण व्हेल के चर्बी से हुआ था। इसके बाद मोमबत्ती का निर्माण और उपयोग दुनिया भर में किया जाने लगा। मोमबत्ती का इस्तेमाल खुशियां और प्रतिरोध  ( प्रदर्शन ) के लिए किया जाने लगा।  इस तरह कोरोना और मोमबत्ती दोनों ही चीन से आया हैं ।
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