हरदोई

भोजन पकाने की विधि और आहार की सजगता स्वस्थ काया की निशानी- डॉ राजेश मिश्र

हरदोई-कोरोना नामक वैश्विक महामारी से वर्तमान समय में विश्व के कई देश जूझ रहे हैं। इसको लेकर सर्वत्र त्राहि-त्राहि मची हुई है। ऐसे समय में ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ का महत्त्व और अधिक बढ़ गया है।शहीद उद्यान स्थित कायाकल्प केन्द्र के संस्थापक व प्रख्यात नेचरोपैथ डॉ राजेश मिश्र ने ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ पर जानकारी दी कि स्वस्थ रहे बिना मनुष्य कुछ नहीं कर सकता, इसलिए पहली आवश्यकता है अच्छा स्वास्थ्य।अच्छे स्वास्थ्य के लिए मनुष्य को अपने आहार को जानना होगा। उसको कब खाना है, क्या खाना है, कितना खाना है, कैसे खाना है, इसका ज्ञान अर्जित करना होगा। डॉ मिश्र ने कहा यदि मनुष्य अपने आहार को लेकर सजग हो जाए और भोजन पकाने की वैज्ञानिक विधि को अंगीकार कर ले तो उसे पहला सुख निरोगी काया की प्राप्ति होगी।डॉ० राजेश ने बताया कि वे कई वर्षों से चौका चेतना के माध्यम से देश-विदेश की जनता को जागरुक कर रहे हैं। उन्होंने कहा चौका चार चीजों का समुच्चय है जिसमें पहला स्थान स्वच्छता का है। उसके बाद में दूसरा स्थान द्रव्य की शुद्धता और जैविक तरीकों से उत्पादित खाद्य पदार्थों को वैज्ञानिक ढंग से पकाकर खाने को लेकर के है। तीसरा बिन्दु समय की नियमितता को लेकर और चौथा भावनाओं की शुद्धता को लेकर है।नेचरोपैथ डॉक्टर राजेश मिश्र ने कहा कि भविष्य में अन्नदाता जैविक तरीके से श्रेष्ठ किस्म के खाद्यान्न उत्पन्न करेंगे जो सर्वश्रेष्ठ औषधि होगी। कहा जैविक तरीकों से उत्पादित खाद्यान्न से लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा होगी और मनुष्य को ऐसा सुख मिलेगा जिसके लिए वह लालायित है। उसके अंदर पर्याप्त जीवनीशक्ति होगी जिससे वह कभी बीमार ही नहीं पड़ेगा नेचरोपैथ डॉक्टर मिश्र ने बताया कि अब फैमिली डॉक्टर की नहीं फैमिली फार्मर की आवश्यकता है।डॉक्टर मिश्र चौका चेतना को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट, उत्तर प्रदेश के सभी मंडलों, हरदोई जनपद के सभी शहीद ग्रामों सभी ब्लॉक, सभी थानों तथा नेपाल के काठमांडू में चौका चेतना शिविर कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य रक्षा को लेकर उन्होंने कई लंबी-लंबी यात्राएं भी हैं।

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