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हैकर्स खतरा: दुनियाभर के स्मार्टफोन्स पर मंडरा रहा है हैकर्स का बड़ा खतरा, इस तरह दे रहे हैं अपने काम को अंजाम

स्मार्टफोन यूजर्स के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ऐसे में एक और साइबर सिक्योरिटी कंपनी ने यूजर्स को सावधान रहने को कहा है। दरअसल, Kaspersky लैब्स ने एक वायरस का पता लगाया है, जिसे आसानी से डिलीट नहीं किया जा सकता है। वहीं, इस वायरस से अब दुनियाभर में करीब 250 करोड़ स्मार्टफोन पर खतरा मंडराने लगा है।

Kaspersky लैब्स के मुताबिक, सिक्योरिटी कंपनी ने मोबाइल एप मार्केटप्लेस पर एक्सहेल्पर नाम के वायरस का पता लगाया है। हैकर्स इस वायरस के जरिए यूजर्स का निजी डाटा लीक कर रहे हैं। साथ ही हैकर्स यूजर्स को चूना लगाने की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि यह मैलवेयर फेक क्लीनर एप के जरिए यूजर्स के स्मार्टफोन तक पहुंचाता है और यह एप में डाउनलोड होने के बाद पूरी तरह से छिप जाता है। वहीं, इस वायरस को यूजर्स न तो होम स्क्रीन पर और न प्रोग्राम मेन्यू में देख पाते हैं।

यूजर्स इस खतरनाक वायरस वाले मोबाइल एप को एंड्रॉयड सिस्टम सेटिंग में जाकर इंस्टॉल एप की लिस्ट में देख सकते हैं। वहीं, Kaspersky की रिपोर्ट से जानकारी मिली है कि कंपनी को इस वायरस की पता Trojan-Dropper.AndroidOS.Helper.h सैंपल को चेक करने के बाद लगा था।

साइबर विशेषज्ञों का मानना हैं कि यह वायरस बहुत खतरनाक है। हैकर्स इस वायरस के जरिए आसानी से यूजर्स के डाटा को एक्सेस कर लेते हैं। वहीं, जब यूजर्स इस वायरस से ग्रसित एप को डिलीट करने की कोशिश करते हैं, तो यह अपने-आप डिवाइस में इंस्टॉल हो जाता है। वहीं, दूसरी तरफ कंपनी का कहना है कि एक्सहेल्पर वायरस को फोन से हटाने के बाद ही पूरी तरह से सुरक्षित नहीं माना जा सकता है।

इससे पहले चेक प्वाइंट की रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें दावा किया गया था कि गूगल प्ले स्टोर 56 मोबाइल एप हैं, जो वायरस से ग्रसित हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 56 मोबाइल एप में 24 गेम या पजल और 32 यूटिलिटी एप हैं। गौरतलब है कि इन एप्स को 10 मिलियन यानी 10 लाख बार डाउनलोड किया जा चुका है। साथ ही रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इन एप्स के इंस्टॉल होते ही वायरस भी अपने आप डिवाइस में डाउनलोड हो जाता है, जिससे डाटा लीक होने का खतरा बहुत बढ़ जाता है।

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