बिहार

लॉकडाउन के दौरान विगत 40 दिनों के क्रियाकलापों का आँकलन करें मुख्यमंत्री- तेजस्वी

During the lockdown, the Chief Minister should assess the activities of the last 40 days. Stunning

रूपेश रंजन सिन्हा

पटना। तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष ने आज प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि बिहार सरकार के लॉकडाउन के दौरान विगत 40 दिनों के क्रियाकलापों का आँकलन करें तो बिहार के माननीय मुख्यमंत्री जी प्रशासनिक क्षमता, संवाद, संवेदना, दूरदर्शिता आदि पैमानों पर पूरी तरह से विफ़ल नज़र आयें।

ख़ुद की माँग, ख़ुद ही खंडन, ख़ुद का आग्रह, ख़ुद ही हाथ खड़े कर देना। कभी ट्रेन बंद करवाने का आग्रह करते है। कभी मज़दूरों की वापसी का कड़ा विरोध करते है। उन्हें बिहार में घुसने नहीं देंगे जैसी धमकी देते है। फिर जब अधिकांश राज्य सरकारें अपने प्रदेशवासियों को वापस बुलाना शुरू करती है तो उसका नियमों का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते है। जब नियमों में संशोधन होता है तो कहते है हमारी 15 सालों की सुशासनी सरकार के पास संसाधन नहीं है। फिर अपनी ही ट्रेन बंद करवाने के आग्रह से पलट ट्रेन शुरू करवाने का आग्रह करते है। ट्रेन शुरू होती है तो फिर कहीं कोई व्यवस्था नहीं।

हमने 30 मार्च को ही सभी अप्रवासी श्रमवीरों को विशेष रेलगाड़ियों द्वारा वापस बुलाने की माँग की थी। उस वक्त जो भी मज़दूर वापस लौटे थे उनमें कोई भी कोरोना पॉज़िटिव नहीं था। लेकिन हमारी बात को बचकाना कह कर ख़ारिज कर दिया। फिर दूसरा लॉकडाउन शुरू हुआ तब 15 अप्रैल को हमने बारंबार ट्रेन चलाने का विशेष आग्रह किया लेकिन फिर हमारा मज़ाक़ उड़ाया गया।

हमने बाद में 2000 बसें देने का भी ऑफ़र किया। लगातार टेस्टिंग और स्वास्थ्य सुरक्षा और उपचार संबंधित उपकरणों की अनुउपलब्धता पर भी हम वास्तविक जानकारी, सलाह और सुझाव देते रहे लेकिन अहंकारी और अदूरदर्शी सरकार ने नहीं सुना। इनका एक सूत्री अजेंडा हमारे सकारात्मक सुझावों के विपरीत जाना रहा। हमने जो-जो महीने पहले कहा वो सरकार को अब करना पड़ रहा है।

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