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CBI छापे के बाद बौखलाए तेजस्वी बोले, मोदी-शाह ने कराई एफआईआर

 

पटना। इस मीटिंग से पहले आरजेडी ने कहा कि तेजस्वी इस्तीफा नहीं देंगे। उधर, जेडीयू ने कहा था कि जिन पर FIR हुई, वे जनता को जवाब दें।
बता दें कि पिछले दिनों बेनामी संपत्ति मामले में सीबीआई ने लालू परिवार के एक दर्जन ठिकानों पर छापे मारे थे।
बेनामी संपत्ति मामले में सीबीआई छापों और केस दर्ज होने के बाद लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी बुधवार को मीडिया के सामने आए। बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी ने कहा कि मोदी और शाह के कहने पर उनके खिलाफ CBI ने FIR दर्ज की है। तेजस्वी यहां कैबिनेट की मीटिंग के बाद सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा, “ये कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना के चलते हुई है। जब का ये मामला है, तब मैं बच्चा था। 2004 में तो मेरी मूंछ भी नहीं आई थी। ये बीजेपी की साजिश है। मुझे बिहार की जनता ने चुना है और इन आरोपों को लेकर मैं जनता के बीच जाऊंगा।” इस्तीफा नहीं देंगे तेजस्वी…

कैबिनेट मीटिंग के बाद क्या बोले तेजस्वी
1) केस के वक्त मेरी मूंछ भी नहीं आई थी
तेजस्वी ने कहा, “जिस वक्त का केस है, 2004 में उस वक्त मेरी मूंछ भी नहीं आई थी। 12-13 साल का बच्चा ऐसा कैसे कर सकता है। एक लड़का उस उम्र में घपलेबाजी और गलत काम करेगा?”
2) ये बीजेपी की साजिश है
“ये आरोप गलत हैं, झूठे हैं और ये बीजेपी की साजिश हैं। ये कार्रवाई बीजेपी के कहने पर हो रही है। ये राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही कार्रवाई है।”
3) महागठबंधन से डरी हुई है बीजेपी
“बीजेपी महागठबंधन से डरी हुई है। ये शुरू से ही डरे हुए हैं और लगातार महागठबंधन तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, महागठबंधन अटूट है और ये टूटेगा नहीं।’
4) मैं बिहार की जनता के बीच जाऊंगा
“बिहार की जनता ने मुझे चुना है। मैं इस महान मैंडेट का सम्मान करूंगा। अपने ऊपर लगे हुए आरोपों को लेकर मैं जनता के बीच जाऊंगा। मैं बिहार की जनता के सामने अपनी बात रखूंगा। उसे बताऊंगा कि किस तरह बीजेपी मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रही है।”
5) केंद्र को वादे याद कराए तो बदनाम करने लगे
“मैंने गरीबों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और समाज के कमजोर तबके की बात की तो साजिश रची जाने लगी। हमने केंद्र सरकार को उनके वादे याद दिलाए तो बदनाम करने की कोशिश होने लगी।”
6) मेरे डिपार्टमेंट्स में भ्रष्टाचार में जीरो टॉलरेंस है
“मैं पिछले दो साल के तीन डिपार्टमेंट संभाल रहा हूं। भ्रष्टाचार के मामले में मेरा जीरो टॉलरेंस है। इस दौरान मेरे काम पर कोई अंगुली नहीं उठा सकता। सबसे ज्यादा सड़कें मेरे टेन्योर के दौरान बनी हैं।”
तेजस्वी पर कौन-कौन से केस?
बेनामी संपत्ति: 16 मई को लालू व उनसे जुड़े लोगों के 22 ठिकानों पर IT की छापेमारी के बाद डिपार्टमेंट ने दिल्ली से पटना-दानापुर तक मीसा भारती व उनके पति शैलेश के अलावा डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, पूर्व सीएम राबड़ी देवी और उनकी दो बेटियों रागिनी और चंदा यादव से जुड़ी एक दर्जन प्रॉपर्टी और जमीन को अस्थाई तौर पर जब्त किया था। 1000 करोड़ की बेनामी संपत्ति के आरोपों के घेरे में लालू के पुत्र व मंत्री तेजप्रताप यादव व अन्य परिजन भी हैं।
रेलवे टेंडर स्कैम: 7 जुलाई को सुबह CBI ने आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव से जुड़े 12 ठिकानों पर छापे मारे। CBI ने बताया कि लालू, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 7 लोगों और एक कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी-आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, 2006 में जब लालू रेलमंत्री थे, तब रांची और पुरी में होटलों के टेंडर जारी करने में गड़बड़ी की गई।
सीबीआई की FIR में ये नाम
1) लालू प्रसाद यादव- तब के रेल मंत्री
2‌‌) राबड़ी देवी- लालू की पत्नी
3) तेजस्वी प्रसाद यादव- बिहार के डिप्टी सीएम
4) सरला गुप्ता- आरजेडी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी
5)पीके गोयल- पूर्व आईआरसीटीसी मैनेजिंग डायरेक्टर
6)विजय कोचर- होटल चाणक्य की मालिकाना हक वाली कंपनी के डायरेक्टर
7) विनय कोचर- सुजाता होटल्स कंपनी के डायरेक्टर और विजय कोचर के भाई
8)मेसर्स लारा प्रोजेक्ट्स- पटना में मॉल के लिए जमीन खरीदने वाली यादव फैमिली कंपनी
RJD की मीटिंग में क्या फैसला हुआ?
लालू प्रसाद यादव के परिवार पर सीबीआई, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) की कार्रवाई के बाद सोमवार को पहली बार आरजेडी विधायक दल की मीटिंग हुई थी।
पार्टी के सीनियर नेता नेता अब्दुल बारी सिद्धीकी ने बताया था कि मीटिंग में तेजस्वी यादव के इस्तीफे पर चर्चा नहीं हुई। वे डिप्टी सीएम के पद से इस्तीफा नहीं देंगे। वे विधानमंडल के नेता हैं और रहेंगे।
जेडीयू ने इस मुद्दे पर अबतक क्या कहा?
1) जिन पर आरोप लगे हैं वे जनता की अदालत में जवाब दें
नीरज कुमार ने मीटिंग के बाद मंगलवार को कहा- “जिन पर (तेजस्वी और लालू परिवार) आरोप लगे हैं, वे जनता की अदालत में फैक्ट्स के साथ जवाब दें। आरोप लगा है तो जनता को पूरी जानकारी देनी चाहिए। उन्हें जनता की अदालत में जाना चाहिए। जेडीयू ने कभी करप्शन के मामले में समझौता नहीं किया है। हमने तो इसकी मिसाल पेश की है। फिर चाहे वे जीतनराम मांझी का मामला हो या अनंत सिंह का।” हालांकि, नीरज ने तेजस्वी और लालू परिवार का नाम नहीं लिया।
2) भ्रष्टाचार पर क्या?
जेडीयू नेता संजय झा ने कहा कि नीतीश कुमार अपनी छवि और भ्रष्टाचार की समस्या से समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे नेता की पूंजी उनकी छवि है। मीटिंग में नीतीश कुमार को कोई भी राजनीतिक फैसला लेने के लिए अधिकृत किया गया। बैठक में नीतीश ने एक घंटे तक पार्टी के नेताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में शुचिता और नैतिकता बड़ी चीज है।

3) तेजस्वी और महागठबंधन का क्या होगा?
तेजस्वी के मामले पर जेडीयू और नीतीश अभी इंतजार करेंगे। सीबीआई का अगला कदम देखने के बाद ही नीतीश कोई फैसला लेंगे। बैठक में यह फैसला लिया गया कि तेजस्वी के मामले में कानून अपना काम करेगा। जेडीयू गठबंधन धर्म निभाना जानती है। हम आखिर तक गठबंधन धर्म का पालन करेंगे। तेजस्वी ने भी कहा कि महागठबंधन अटूट है।

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