हरदोई

नवीन गल्ला मंडी में सजाई गई दहेज लोभी नंगों की बारात

मुर्गा बन कर अपने किए की मांगी माफी दहेज लोभियों को व्यापारियों ने सिखाया सबक

हरदोई। दहेज लोभी पिता-पुत्र की करतूतों और दहेज की बढ़ती मांग से परेशान और अपने आपको बेइज्जत महसूस करने वाले नगर में विभिन्न स्थानों पर रहने वाले तीन बेटियों के पिता और भाइयों ने आज दहेज लोभी नंगो की बारात सजाई और उन्हें सबक दिया कि बेटियों का बाप ही समाज में दहेज लोभियों को आइना दिखा सकता है।मामला हरदोई के प्रमुख व्यापारी नेता एवं भाजपा नेता तथा नवीन मंडी स्थल के पूर्व महामंत्री कैलाश नारायण गुप्ता से जुड़ा हुआ है। बताते हैं कि कैलाश नारायण गुप्ता ने अपनी पुत्री का रिश्ता पलिया लखीमपुर निवासी रमेश चंद्र गुप्ता के पुत्र विनय गुप्ता के साथ तय किया था। लड़की देखने के बाद लड़के वालों ने अपनी डिमांड रखी,जिसे कैलाश गुप्ता ने सहर्ष स्वीकार कर लिया और उसी के अनुसार आगे के कार्यक्रम तय हुए। दोनों पक्षों की इच्छा अनुसार लड़की की गोद भराई का कार्यक्रम शहर के एक नामचीन होटल में होना तय हुआ। समस्त तैयारियां कैलाश नारायण की ओर से की गई लेकिन तय समय पर वर पक्ष के ना पहुंचने पर जब लड़के के पिता रमेश चंद्र से टेलीफोनिक बात की गई तो उन्होंने 10 लाख रुपए की अतिरिक्त मांग रख दी। कैलाश गुप्ता बहुत गिड़गिड़ाए तथा अपनी आर्थिक स्थिति का भी हवाला दिया, लेकिन दहेज लोभी नहीं पसीजे। यही नहीं, उनके लाख आग्रह पर भी वर पक्ष के लोग गोद भराई कार्यक्रम करने ही नहीं आए,जिससे गोद भराई कार्यक्रम में कैलाश गुप्ता के नाते रिश्तेदारों के सामने वह अपने आपको बेहद शर्मिंदा महसूस करने लगे। वहीं उनकी बेटी भी हीन भावना से ग्रसित हो गई,हालांकि परिवार वालों ने उनकी बेटी को बहुत समझाया बुझाया और ढांढस बंधाया।होटल और खाने आदि की सम्मानजनक व्यवस्था में कैलाश गुप्ता का लाखों रुपया भी खर्च हो गया फिर भी उस समय तो मामला समाप्त हो गया, लेकिन अगले ही दिन पता चला कि वर पक्ष के लोग पिहानी चुंगी स्थित अपने समधी के घर तक आए भी थे और किसी दूसरी जगह ज्यादा दहेज मिलने के कारण वह गोद भराई करने नहीं गए। इसके बाद कैलाश ने वर पक्ष से हिसाब करने को कहा तथा अपने खर्चे की मांग की। बताते हैं कि वर पक्ष के लोग उन्हें खर्च की गई राशि का भुगतान करने के लिए आश्वासन देते रहे, यही नहीं, बताते हैं कि वह हिसाब करने के लिए तीन-चार बार वर पक्ष के घर पलिया तक भी गए, हर बार उन्हें खर्च राशि का भुगतान देने का आश्वासन वर पक्ष के पिता देते रहे।इसी बीच हरदोई मंडी के ही कन्हैया की बेटी की रमेश निवासी पलिया लखीमपुर के पुत्र विनय के साथ बारात तय हो गई। लड़की देखने के साथ-साथ गोद भराई का भी कार्यक्रम संपन्न हो गया। बताते हैं कि आगे के कार्यक्रम होते उससे पहले ही वर पक्ष रमेश और विनय द्वारा कन्हैया पर दहेज में कार देने का दबाव बनाया गया। इससे कन्हैया परेशान हो उठे और उन्होंने अपने इष्ट मित्रों से अपनी चिंता का कारण बताया। पहले से ही दहेज लोभी के रूप में विख्यात रमेश पलिया लखीमपुर की कलई धीरे-धीरे कन्हैया के सामने खुलने लगी। बताते हैं उन्हें पता चला कि वर पक्ष इससे पहले कैलाश गुप्ता के अलावा भी महोलिया शिवपार में एक सम्मानित वैश्य परिवार में यह हरकत कर चुका है और वहां से भी दहेज की खातिर यह रिश्ता तोड़ चुका है बस फिर क्या था, कन्हैया ने रमेश से कह दिया कि वह आपके बेटे से अपनी बेटी की शादी नहीं करेगा। इसके बाद वर पक्ष रमेश आदि द्वारा कन्हैया की बेटी को गोद भराई रस्म में दिए गए आभूषण आदि की वापसी की मांग की गई जिसका फैसला शनिवार को मंडी स्थित मंदिर पर होना था। बताते हैं इसी फैसले में कैलाश आदि वह लोग भी पहुंचे जो पूर्व में इसके द्वारा प्रताड़ित हो चुके थे। बताते हैं कि कैलाश गुप्ता ने वर पक्ष के पिता रमेश से अपना हिसाब देने को कहा। इससे वर पक्ष का पिता एकदम उग्र हो गया और अभद्रता पर उतर आया लेकिन दबाव बनता देख वह आधा रुपया देने को तैयार हो गया, लेकिन कैलाश आदि लोगों का कहना था कि आप पूरा पैसा दीजिए क्योंकि इसमें कैलाश की कोई गलती नहीं है गोद भराई करने आप नहीं आए और आपने कोई भी सूचना भी नहीं दी। लेकिन वर पक्ष के लोग इस बात पर राजी नहीं हुए। इसके बाद मंडी के कई व्यापारी नेता और व्यापारी उग्र हो गए और सामाजिक सबक सिखाने के लिए वर पक्ष के पिता व पुत्र के कपड़े उतरवाकर दहेज लोभी नंगो की बारात मंडी में सजा दी।व्यापारियों का कहना है कि समाज में यदि ऐसे दहेज लोभी लोगों को सबक ना सिखाया गया तो तमाम बेटियां दहेज की बलिवेदी पर अपनी प्राणों की आहुतियां देने को मजबूर होंगी। फिलहाल वर पक्ष के रमेश और विनय के कपड़े उतरवाकर उन्हें जमीन में बिठाया गया। इसी बीच सूचना पर पहुंची हंड्रेड डायल वर पक्ष रमेश और विनय को कोतवाली ले आई।यहां कैलाश गुप्ता की ओर से रमेश और विनय के खिलाफ तहरीर दी गई,वहीं बाद में सुनियोजित षड्यंत्र के तहत वर पक्ष रमेश के द्वारा भी लकी संदीप मनोज आदि के खिलाफ एक तहरीर दी गई है। देखना आया है कि पुलिस इन दहेज लोभी पिता-पुत्र को किस तरह से सबक सिखाती है जिससे कि भविष्य में किसी भी बेटी के बाप को शर्मिंदा ना होना पड़े। वही मंडी के प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि दहेज लोभी लोगों को इसी तरह से सबक सिखाया जाना चाहिए, जिससे कि समाज में एक नई जागृति पैदा हो और दहेज मांगने वालों के अंदर भय व्याप्त रहे।वही इस संबंध में वर पक्ष विनय का कहना है कि उसके साथ मारपीट की गई तथा उसके पिता और उसके पास से रुपए और सोने की चेन छीन ली गई।

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