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ईद को लगा कोरोना का ग्रहण

सुनील गुप्ता

रेडीमेड और चिकन के 250 सौ करोड़ के कारोबार को किया प्रभावित

दस दिन पहले से शुरू हो जाती थी खरीददारी
सरकार से भी अभी तक नही मिली कोई मदद
लखनऊ। लॉक डाउन के चलते ईद के त्यौहार को कोरोना का ग्रहण लग गया है। पिछली बार ईद पर पूरे शहर में रेडीमेड और चिकन के कपड़ों का 250 सौ करोड़ का कारोबार हुआ था। लेकिन इस बार बंदी के चलते पूरा व्यापार ठप पड़ गया है। ईद पर लोग दस दिन पहले से खरीददारी करना शुरू कर देते थे । लेकिन इस बार ईद के तीन दिन पहले प्रशासन ने अपनी शर्तों पर बाजार खोलने के निर्देश दिए जिसके कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। शहर की दो प्रमुख बाजारें अमीनाबाद और नख्खाश। इन दोनों बाजारों में चांद रात वाले दिन रात में दो बजे तक लोग खरीददारी करते थे। लेकिन अभी तक इन बाजारों को खोलने के आदेश प्रशासन की तरफ से नही मिले हैं। व्यापारी नेता सद्दाम वसी बताते है कि ईद पर बाज़ारों की रौनक देखने लायक होती थी। लॉक डाउन के कारण पिछले दो माह से शहर की सभी बाजारें बन्द पड़ी है।सीजनली व्यापार करने वालों के हालात तो इतने बुरे हो गए है कि त्यौहार मनाना तो दूर जीविका चलाना दूभर हो गया है। सद्दाम बताते है कि नख्खास में ईद पर 40 से 50 करोड़ का व्यापार छोटे और मंझोले व्यपारी करते थे। यह ऐसे लोग थे जो रोज कमाने वाले और खाने वाले थे। बंदी ने इन व्यापारियों को पूरी तरह से तोड़ दिया है। जहाँ बाजार खुली हैं वहां भी बिक्री बस नाम की है। लोगों के पास त्यौहार मनाने के लिए पैसा ही नही है। यही हालत अमीनाबाद की भी है यहां पर भी ईद पर 70 से 80 करोड़ का व्यापार होता था। जो लोग त्यौहार मनाने में सछम है वे भी संक्रमण के डर से खरीददारी नही कर रहे है। यहां तक कि  ईद पर लोग घरों की रंगाई-पुताई के साथ-साथ सजावट कराते थे, मेहमानों को ख़िलाने के लिए शुखे मेवे के व्यंजन बनाये जााते थे। क्राकरी, सजावट आदि का समान खरीदते थे,पर इस बार की ईद घरों में रहकर ही मनाएंंगे।अमीनाबाद व्यापार मंडल के अध्यक्ष शुरेश छबलानीका कहना है कि लॉक डाउन ने इस बार छोटे बड़े सभी व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। शहर की दो ही प्रमुख बाज़ारे थी जहा ईद पर लोग जम कर ख़रीददरी करते थे वही बाज़ारे अभी तक बन्द है पिछली ईद पर शहर में रेडीमेड और चिकन का 250 करोड़ का कारोबार हुआ था। इस बार उसका दस प्रतिशत होनाा भी मुश्किल है। कहने को तो सरकर नेआर्थिक पैकेज कीघोषणा कर दी है। लेेेकिन हाथ अभी तक कुछ नही आया है। सरकार ने व्यापारियों को जीएसटी में भी छूूूट नही दी है। सरकार को चाहिए था कि व्यापारियों को सभी तरह के ब्याज से छूट दी जाये। सामाजिक उद्योग व्ययापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामबाबूरस्तोगी बताते है कि ईद पर तो व्यापार चौपट हुुुआ ही, इससे पहले नवरात्रि पर भी पूरे प्रदेश में 6 से 7 सौ कारोड़ के व्यापार को झटका लगा था। व्यापारी और व्यापार लगातार टूटता ही जा रहा है।कहने को सरकार व्यापारियों की स्थिति सुधारने के लिए पेेकेज   लाई है। लेकिन यह पैकेज छोटे व्ययपारियों को किितना मिल पाएगा यह तो आने वाला समय ही बतायाएग।
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