बस्ती

विश्व थायराइड दिवस:डा. अश्वनी कुमार सिंह ने किया लोग को जागरूक

बस्ती। स्वास्थ्य जागरूकता व समाजसेवा के क्षत्र में उत्कृष्ट योगदान दे रही सामाजिक संस्था ह्यूमन सेफ लाइफ फाउण्डेशन के चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डा. अश्वनी कुमार सिंह ने कहा थायराइड की समस्‍या अब आम हो गयी। थायराइड दरअसल एक एंडोक्राइन ग्लैंड है जो बटरफ्लाई आकार का होता है और ये गले में स्थित है। इसमें से थायराइड हार्मोन निकलता है जो शरीर में मेटाबॉलिज्म को संतुलित करता है। थायराइड ग्लैंड शरीर से आयोडीन की मदद से हार्मोन बनाता है। वे विश्व थायराइड दिवस पर सामाजिक संस्था की ओर से लोगों को जागरूक कर रहे थे। हार्मोन का स्राव जब असंतुलित हो जाता है तो इससे शरीर में कई तरह की मुश्किलें पैदा हो जाती है। ये बीमारी पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा होती है। डा. अश्वनी ने बताया कि थायराइड दो प्रकार के होते हैं। इससे पीड़ित होने पर यह जानना बेहद जरूरी है कि क्या खाना चाहिये और क्या नही खाना चाहिये।

हाइपोथायराइड
इसमें थायराइड ग्लैंड सक्रिय नहीं होता, जिससे शरीर में जरूरत के मुताबिक टी 3, टी 4 हार्मोन नहीं पहुंच पाता। इसकी वजह से शरीर का वजन अचानक बढ़ जाता है। सुस्ती महसूस होने लगती है। शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। अनियमित पीरियड, कब्ज की शिकायत, चेहरे और आंखों पर सूजन आ जाता है। यह बीमारी 30 से 60 साल की महिलाओं में अधिक होती है।

क्या खायें, क्या न खायें
आयोडिन नमक, आयोडिन से भरपूर चीजें, सी फूड, फिश, चिकेन, अंडा, टोंड दूध और उससे बनी चीजें जैसे दही, पनीर, टमाटर, मशरुम, केला, संतरे आदि, फिजिशियन की सलाह पर विटामिन, मिनिरल्स, आयरन सप्लीमेंट्स लेना लाभाकरी होता है। सोयाबीन और सोया प्रोडक्ट रेड मीट, पैकेज्ड फूड, ज्यादा क्रीम वाले प्रोडक्ट जैसे केक, पेस्ट्री, स्वीट पोटैटो, नाशपाती, स्ट्रॉबेरी, मूंगफली, बाजरा आदि, फूलगोभी, पत्ता गोभी, ब्रोकली, शलगम आदि का सेवन पुकसानदायक हो सकता है।।

2. हाईपरथायराइड
इसमें थायराइड ग्लैंड बहुत ज्यादा सक्रिय हो जाता है। टी 3, टी 4 हार्मोन जरुरत से अधिक मात्रा में निकलकर ब्लड में घुलने लगता है। इस हालत में शरीर का वजन एकाएक कम हो जाता है। मांशपेशियां कमजोर हो जाती है। भूख ज्यादा लगती है, ठीक से नींद नहीं आती, स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है। पीडियड्स में अनियमितता, अधिक ब्लीडिंग की समस्या, गर्भपात का भी खतरा बना रहता है।हरी सब्जियां, साबूत अनाज, ब्राउन ब्रेड, ओलिव ऑयल, लेमन, हर्बल और ग्रीन टी, अखरोट, जामुन, स्ट्रॉबेरी, गाजर, हरी मिर्च, शहद का सेवन लाभाकरी होता है। जबकि मैदा से बने प्रोडक्ट जैसे पास्ता, मैगी, व्हाइट ब्रेड, सॉफ्ट ड्रिंक, अल्कोहल, कैफीन, रेड मीट, ज्यादा मीठी चीजें जैसे मिठाई, चॉकलेट नुकसादेह साबित हो सकते हैं।

फाउण्डेशन के चेयरमैन एवं रेडक्रास ट्रेनर रंजीत श्रीवास्तव ने कहा हर दो चार घर बाद महिलायें थायराइड की बीमारी से पीड़ित हैं। इससे पीड़ित होने पर कम उम्र में ही लोगों का उठना बैठा मुश्किल हो जाता है और शरीर में तरह तरह के विकार उत्पन्न हो जाते हैं। ऐसे में डाक्टर के द्वारा बताई गयी डाइट के सेवन और फिजिसियन की राय से परेशानियां कम की जा सकती हैं।

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