पटनाबिहार

दानापुर सीओ ऑफिस का बड़ा फर्जीवाड़ा ! हाईकोर्ट के अधीन जमीन का भू-माफिया के नाम काटा रसीद !

अपर समाहर्ता ने वर्ष 2015 में अपने पारित आदेश में संगीता देवी के डीड का बताया था फर्जी और बताया था त्रुटिपूर्ण
>> एडीएम ने जिसे बताया फर्जी दस्तावेज ,सीओ दानापुर ने पुनः 2020 में संगीता देवी के नाम काटा रसीद
>> हेलियस फाइनेंस ने नाम से फ्लैट नंबर 107 और 108 का वार्षिक लगान 2018 -19 तक का कटा है रसीद
>> आफिसियल लिकोडेटर ( हाईकोर्ट ) के अधीन है प्लॉट नंबर 107 और 108 फिर संगीता देवी के नाम कैसे कटा पुनः रसीद
रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) । ” तरूणमित्र ” हिन्दी दैनिक एवं पोर्टल ने शीर्षक : राजधानी में हाईकोर्ट के अधीन वाले जमीन को भू-माफियाओं ने किया कब्जा ,लाखों गरीबों के करोड़ों रूपये पर फिरा पानी ” खबर प्रकाशित किया । इस कडी में एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है । वर्ष 2015 में एडीएम ने जिस कागजात को फर्जी और कार्रवाई को त्रुटिपूर्ण बताया था उसे  दानापुर अंचल कार्यालय ( सीओ ऑफिस ) ने पुनः दोबारा उसी संगीता देवी के फर्जी कागजात को सही बताकर 2020 में रसीद काट दिया हैं । जबकि उक्त खाता संख्या 110 प्लॉट नंबर 107 और 108 ,रकवा 15 कट्ठा जमीन ( हेलियस फाइनेंस की सम्पत्ति ) पटना हाईकोर्ट के अधीन हैं और ऑफिसियल लिकोडेटर के रूप में बिहार के आरओसी हिमांसु शेखर बहाल हैं । उक्त जमीन प्लॉट संख्या 107 और 108 को नीलामी कर ग्राहकों को रूपये लौटाना है, इधर बीते मंगलवार को भू-माफियाओं द्वारा जमीन पर कब्जा करने को लेकर निर्माण कार्य कराया जा रहा था। इस संबंध में पटना जिले के पुलिस – प्रशासन के पास लिखित शिकायत की गयी हैं । एसडीओ दानापुर ने कहां की जबतक स्पष्ट नहीं हो जाता उक्त प्लॉट पर निर्माण कार्य नहीं होगा । दानापुर अंचल कार्यालय की संदिग्ध भूमिका पर पक्ष जानने के लिए कई बार सीओ महेन्द्र गुप्ता को फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन पिकअप नहीं किया ।
हेलियस फाइनेंस ने 1997 में खरीद की जमीन

नन बैंकिंग संस्था हेलियस फाइनेंस एवं इनभेस्टमेंट ने बीते दिनांक 24 मई 1997 को खाता संख्या 110 प्लॉट संख्या 107 और 108  ,कुल रकवा 15 कट्ठा जमीन के हिस्सेदार तीनों भाई रघु राय, राजेन्द्र राय और विश्वनाथ राय से डीड संख्या 2449 दिनांक 24 -05 -1997 को निबंधित कराया हैं ।
 11 वर्ष बाद तीनों की पत्नी ने पिन्टू कुमार नामक व्यक्ति को दिनांक 26 -08 -2009 को पावर ऑफ एटौर्नी दिया । उक्त पिन्टू कुमार ने , प्लॉट नंबर 107 और 108 में अंकित कुल 15 कट्ठा जमीन दो दिन बाद ही तीन बिक्रय पत्र के माध्यम से संगीता देवी के नाम से बिक्रय कर दिया । और दाखिल खारिज के लिए आवेदन कर रसीद कटा लिया ।
एडीएम ने संगीता देवी के डीड को बताया फर्जी एवं कार्रवाई त्रुटिपूर्ण , किया रद्द
जमाबंदी रद्द वाद संख्या 12 /2013 -14 के सुनवाई पश्चात ,न्यायालय अपर समाहर्ता ,पटना ने दिनांक 16 -02-15 को आदेश पारित किया की हेलियस फाइनेंस का रजिस्ट्री सही हैं और संगीता देवी द्वारा प्रस्तुत किया गया डीड को फर्जी बताने के साथ ही पूर्व के सीओ दानापुर द्वारा किये गये कार्रवाई को त्रुटिपूर्ण बताया और संगीता देवी के नाम से कायम जमाबंदी को रद्द कर दिया ।और एडीएम ने आदेश पलक में स्पष्ट लिखा है की सीओ द्वारा सही तथ्यों की अनदेखी की गयी हैं और सीओ कार्यालय के कर्मियों के मिलिभगत से गलत कृत किया गया हैं ।
प्लॉट संख्या 107 और 108 का हेलियल फाइनेंस के नाम हुआ जमाबंदी
एडीएम द्वारा संगीता देवी के जमाबंदी को रद्द करने के बाद, पुनः  प्लॉट संख्या 107 और108 कुल रकवा 15 कट्ठा का जमाबंदी करने के लिए आवेदन दाखिल किया गया । दाखिल खारिज वाद संख्या 637 /15-16 में दोनों पक्षों की बातें सुनते हुये सीओ दानापुर ने  संगीता देवी के आवेदन को अस्वीकृत कर दिया और उक्त प्लॉट का जमाबंदी हेलियस फाइनेंस के नाम कायम रहा और वर्तमान में  वर्ष 2018 -19 तक लगान रसीद जमा हैं ।
दानापुर अंचल कार्यालय के कारनामे पर सवाल
संगीता देवी के दाखिल खारिज वाद संख्या 533 /8 वर्ष 2009 -10 द्वारा कायम जमाबंदी को तत्कालीन एडीएम ने जमावंदी वाद संख्या -12 /2013-14 की सुनवाई करते हुये दिनांक 16 -02-2015 को रद्द कर दिया । इसके बाद पुनः संगीता देवी द्वारा दाखिल खारिज वाद संख्या -637 /15-16 लाया गया ,इसे तत्कालीन सीओ ने दिनांक 17-07-2015 को सुनवाई पश्चात संगीता देवी के दाखिल खारिज आवेदन को अस्वीकृत कर दिया गया ।  दानापुर के वर्तमान सीओ महेन्द्र गुप्ता ने संगीता देवी के नाम पर जमाबंदी कायम कर दिया हैं । जबकि उक्त जमीन प्लॉट संख्या 107 और 108 का जमाबंदी हेलियस फाइनेंस के नाम पर है और वार्षिक लगान 2018 -19 तक जमा किया गया हैं । सबसे आश्चर्य चकित करने वाली बात यह है की नन बैंकिंग संस्था हेलियस फाइनेंस एवं इनभेस्टमेंट की प्रॉपर्टी हाईकोर्ट के अधीन है और ऑफिसियल लिकोडेटर के रूप बिहार -झारखंड के आरओसी हिमांशु शेखर हैं । उक्त विवादित प्लॉट की पूर्ण जानकारी पूर्व से दानापुर अंचल कार्यालय को है फिर भी जमाबंदी कायम करने के पूर्व बहाल ऑफिसियल लिकोडेटर (हाईकोर्ट ) से संपर्क नहीं किया गया । सुत्र बताते है की जमाबंदी के पीछे बड़ा झोल है और सबने मिल बांट कर रेवडिया का मजा लिया है। इधर
नन बैंकिंग में जमा लाखों गरीबों के करोड़ों रूपये उक्त जमीन का नीलामी कर ग्राहकों को लौटाना था जिसपर भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया है और खुलेआम दो दिनों से निर्माण कार्य कराया जा रहा हैं वही सूचना के बावजूद सभी अधिकारी ,पदाधिकारी कुछ भी करने की हिम्मत नही जुटा पा रहें हैं । अब गरीबों का क्या होगा  ….
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