बिहार

प्रशासनिक अधिकारीयों ने उठाया कांटेक्ट ट्रेसिंग का बीड़ा

Administrative officials took up the task of contact tracing

•उप विकास आयुक्त शहर में घूम कर खुद कोरोना के मरीजों की कर रहे कांटेक्ट ट्रेसिंग
•केयर की टीम कर रही है सहयोग

रूपेश रंजन सिन्हा

पटना। कोरोना संक्रमण के फैलते रफ़्तार को रोकने के लिए जिला प्रशासन युद्धस्तर पर काम कर रहा है. पूरा प्रशासनिक तंत्र स्वास्थ्य विभाग के साथ कदम से कदम मिलाकर कोरोना के मरीजों के संपर्क में आये लोगों की खोज कर रहा है. कोरोना के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए मरीजों के संपर्क में आये लोगों की जांच कराकर ही संक्रमण के फैलाव का आंकलन किया जा सकता है और आगे की रणनीति बनायी जा सकती है. इसी क्रम में जिला के उप विकास आयुक्त रिची पाण्डे भी पटना में विभिन्न जगहों पर स्वास्थ्य टीम के साथ कोरोना के मरीजों के संपर्क में आये लोगों की तलाश कर रहे हैं. केयर के पटना के डी.टी.एल मानसून मोहंती भी उप आयुक्त के साथ कांटेक्ट ट्रेसिंग में सहयोग कर रहें हैं।

पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि के नेतृत्व कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिए सेल का गठन किया गया और कांटेक्ट ट्रेसिंग का अभियान पूरे जिला में युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है. उप विकास आयुक्त भी टीम के साथ कांटेक्ट ट्रेसिंग के काम में पूरे जोश के साथ अपनी सहभागिता कर रहे हैं और ट्रेसिंग के कार्य में अपनी जानकारी एवं अनुभव से इस कार्य में लगे लोगों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं. जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ साथ पुलिस महकमा भी इसमें अपना सहयोग कर रहा है.
क्या है कांटेक्ट ट्रेसिंग:

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशानिर्देश के अनुसार कांटेक्ट ट्रेसिंग प्रक्रिया में कोरोना के मरीज के संपर्क में आये लोगों को चिन्हित कर उन्हें क्वारंटाइन करना है. संपर्क में आये लोगों को हाई रिस्क एवं लो रिस्क श्रेणी में रखा जाता है. संक्रमण के प्रभाव को रोकने और इसके फैलाव को नियंत्रित करने हेतु यह अतिअवाश्यक है.
हाई रिस्क कांटेक्ट की श्रेणी में निम्न लोगों को रखा जाता है:

• ऐसे व्यक्ति जिन्होंने कोरोना मरीज को बिना पी.पी.इ किट पहने स्पर्श किया हो,कोरोना मरीज के कपड़े, इस्तेमाल किये हुए वस्तुओं अथवा बर्तनों को स्पर्श किया हो या इस्तेमाल किया हो.
• ऐसे व्यक्ति जो की बिना जरुरी सावधानी बरते हुए कोरोना से संक्रमित मरीज के नजदीक गए हों,( 1 मीटर की दूरी नहीं रखी हो ).
लो रिस्क कांटेक्ट के श्रेणी में निम्न लोगों को रखा जाता है:
• ऐसे व्यक्ति जिन्होंने कोरोना से संक्रमित लोग अथवा लोगों के साथ स्कूल, दफ्तर अथवा किसी जगह की यात्रा की हो.

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