बिहार

राजनीति का भेट चढ़ा रोहतास में लॉकडाउन,दरकिनार हुआ सरकारी नियम कानून

Politics confiscates lockdown in Rohtas, government rule law bypassed

दुर्गेश किशोर तिवारी

सासाराम। आगामी माहो में राज्य में बिहार विधान सभा का चुनाव है।इसलिए सरकार लॉकडाउन के दरमियान ऐसा कोई कड़ा कदम नही उठाना चाहती जिसका सीधा असर उसके वोट बैंक पर पड़ सके।लॉकडाउन के शुरुआती दौर यानी पहले चरण से लेकर द्वितीय चरण तक वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के कोहराम से लोगो को बचाने के लिए पुलिस प्रशासन ने जिला भर में सतर्कता के साथ जागरूकता अभियान चलाकर लॉकडाउन को शक्ति से अनुपालन कराया तथा इस दौरान सरकार व प्रशासन ने कई नियम कानून बनाकर सार्वजिनक तौर प्रचार प्रसार किया गया।

जुर्माना भी लगाने का उल्लेख की गई।कहा गया कि लॉकडाउन के नियम तोड़ने वालो के खिलाफ कानूनी तौर पर कठोर करवाई की जायेगी।इसका असर भी पहले व दूसरे चरण तक जिले में कही न कही देखने को मिला।लेकिन तीसरे चरण के अंत होते होते व चौथे चरण में बहाल लॉकडाउन जहां राजनीति का भेट चढ़ता दिखाई दिया।वही सरकार व जिला प्रशासन का सारा नियम कानून धरातल पर सिमटता नजर आ रहा है।अब न तो कोरोना संक्रमण से कोई शक्ति से परहेज कर रहा है और न ही लॉकडाउन का अनुपालन कराने वाले पुलिस प्रशासन के लोग सक्रियता से सड़कों पर गश्ती करते लोगो को कड़ी हिदायते देते फिर रहे है।

यहां तक कि जहां तहां उड़ रही सोशल डिस्टेंसिंग पर भी लगाम लगाने का कार्य अब मुस्तैदी से नही किया जा रहा है।अनुमंडल कार्यालय हो या फिर बैंक आदि कार्यालय अपने कार्यो को संपादित कराने पहुचे लोग आपाधापी में एक दूसरे में सिमटे नजर आ रहे है।जहां मौजूद अधिकारी व कर्मचारी मूकदर्शक बन तमाशबीन बने रहते है।आरोप है कि आगामी माह में सम्भवतः होने वाले विस चुनाव के मद्देनजर सरकार की नजर एक खास वर्ग के वोट पर टिकी हुई है।जिसका कोई कार्य प्रभावित न हो चौथे चरण के लॉकडाउन में ढील देकर लगभग सभी दुकानों को खुलवाकर आवागमन में पूरी तरह छूट दे दी गई।हालांकि शहर बाजारों में नित दिन बेलगाम होती भारी भीड़ की वजह से कोरोना का संक्रमण फैलने की खतरा पहले से ओर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

कहा जा रहा है कि जब जिला प्रशासन को अपनी शक्ति का एहसास कराकर लागू लॉकडाउन पर अत्यधिक शिकंजा कसने की जरूरत नही थी।तब भय का माहौल बनाकर कड़ाई से अनुपालन कराया गया।लेकिन अब जब अप्रवासी श्रमिक नित दिन देश के विभिन्न राज्यों से जिले के अंदर भारी तदाद में पहुच रहे है तो लॉकडाउन में पूरी ढील देकर भगवान भरोसे आम अवाम को छोड़ दी गई है।हालांकि अधिकांश दुकाने शाम ढलने के साथ ही निर्धारित समयावधि के बीच बंद हो जा रहे है।दो पहिया चार पहिया वाहनों की रफ्तार जहां तेज हो गया है वही पानी टपकते ओभरलोड बालू लदे ट्रकों का अत्यधिक परिचालन रात के अंधेरे से लेकर दिन के उजाले में सड़को पर बेख़ौफ़ हो रहा है।चौथे चरण का अंतिम हो रहा लॉक डाउन एवं पांचवे चरण की हो रही तैयारी के बीच रोहतास में फिलहाल लॉक डाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का असर या अनुपालन होत कही नही दिखता।

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