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Make Dreams Come True: केंद्र सरकार की 2.5 लाख रुपए की मदद से शुरू करें ये बिजनेस, होगा भारी मुनाफा

कोरोना महामारी से अधिकांश व्यवसायों को भारी संख्या में नुकसान उठाना पड़ा है लेकिन एक बिजनेस इस बीच ऐसा भी था जो खूब चला और जिसकी वजह से जमकर बचत और कमाई हुई।

कोरोना महामारी के दौरान दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की खूब डिमांड रही और इसके चलते लॉकडाउन के दो महीनों में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र में रिकॉर्ड 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिक्री हुई।

जन औषधि केंद्रों की इन सस्ती जेनरिक दवाओं की वजह से लोगों के भी करीब 800 करोड़ रुपए की बचत हुई।केंद्र सरकार ने साल 2015 में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र की शुरुआत की थी। इस योजना के जरिए सरकार आम लोगों तक सस्ती दवाएं पहुंचाना चाहती है। लोगों को इन केंद्रों पर मार्केट की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती दवाएं मिलती हैं। इस समय देश के 726 जिलों में 6300 से अधिक जन औषधि केंद्र हैं।

जन औषधि केंद्र खोलने की प्रक्रिया बहुत आसान है। इसे खोलने के लिए केंद्र सरकार 2.5 लाख रुपए की मदद भी करती हैं। यह अच्छे मुनाफे वाला बिजनेस है और यह आपके सपनों को साकार कर सकता है। जन औषधि केंद्रों की दवाओं की बिक्री पर 20 प्रतिशत मार्जिन और हर महीने की बिक्री पर 10 प्रतिशत इंसेंटिव मिलता है।

इंसेंटिव अधिकतम प्रतिमाह 10 हजार रुपए ही मिलता है। नियमों के मुताबिक 2.5 लाख रुपए पूरे होने तक इंसेंटिव दिया जाता है। जन औषधि केंद्रों को खोलने का खर्च 2.5 लाख रुपए है और इसका पूरा खर्चा सरकार उठाती हैं।

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