शिक्षा—रोजगार

फाइनल इयर के मार्क्स पहले के एग्जाम के आधार पर अवॉर्ड किए जाए: सुझाव

नई दिल्ली। एक्सपर्ट ने यूनिवर्सिटियों के एग्जाम और ऐकडेमिक कैलेंडर को लेकर सुझाव दिए हैं। आयोग की ओर से एक्सपर्ट को देश में कोविड-19 की वजह से खराब हो रहे हालात के मद्देनजर अपने पहले के दिशानिर्देश पर पुनर्विचार करने को कहा गया था। कॉलेज और यूनिवर्सिटी के खुलने के समय को भी अब बढ़ाकर अक्टूबर 2020 किया जा सकता है। वह भी स्थिति की और समीक्षा करने के बाद तय होगा।

यूजीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, हरियाणा यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर आर. सी. कुहाड़ की अध्यक्षता वाली कमिटी से अपने पहले के दिशानिर्देश पर पुनर्विचार करने को कहा गया था जिसे 29 अप्रैल, 2020 को जारी किया गया था। उन्होंने बताया, ‘2 दिनों के अंदर नई गाइडलाइंस आ सकती है।’ कोरोनावायरस महामारी के मद्देनजर छात्रों के मूल्यांकन के वैकल्पिक माध्यम से संबंधित सुझाव देने के लिए कमिटी का गठन किया गया है।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक सूत्र के मुताबिक, नई गाइडलाइंस के हिसाब से फाइनल इयर के छात्रों का मूल्यांकन पहले के सेमेस्टर एग्जाम और इंटर्नल असेसमेंट के आधार पर होगा। पहले वाली गाइडलाइंस, जो अप्रैल में जारी हुई थी, में यूनिवर्सिटियों से फाइनल इयर के स्टूडेंट्स के लिए ऑफलाइन या ऑनलाइन मोड में परीक्षाओं का आयोजन करने को कहा गया था। वहीं पहले और दूसरे साल के स्टूडेंट्स को इंटर्नल असेसमेंट और पहले सेमेस्टर/साल में उनके परफॉर्मेंस के आधार पर प्रमोट करने का सुझाव दिया गया था। फाइनल इयर के एग्जाम 1 और 31 जुलाई, 2020 के बीच होने थे।

नए सुझाव के मुताबिक, फाइनल इयर के मार्क्स पहले के एग्जाम के आधार पर अवॉर्ड किए जाएंगे। अगर कोई छात्र अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं होता है तो उनको स्थिति सामान्य होने और क्लास दोबारा शुरू होने के बाद अपने परफॉर्मेंस में सुधार के लिए एग्जाम में बैठने का मौका मिलेगा। यूजीसी की पहले की गाइडलाइंस के मुताबिक, दूसरे और तीसरे साल के छात्रों के लिए यूनिवर्सिटी 1 अगस्त, 2020 से खुलने वाली थी और ताजा बैच के लिए 1 सितंबर, 2020 से। लेकिन अब 1 अक्टूबर, 2020 से ही स्कूलों के खुलने की उम्मीद है।

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