पटनाबिहार

खुलासा : कुख्यात छोटे के गोलियों का निशाना बना बिक्रम का उज्जवल

 दो माह पहले कुख्यात माणिक के शूटरो ने छोटे पर किया था फायरिंग ,बचा था बाल-बाल

>> पटना पूर्वी -पश्चिमी में फैल चुका है गैंगवार, नकेल नहीं कसा तो कई और हो सकते है शिकार

>> उज्जवल ने बिहटा में पूर्व मुखिया संजय राम की दिनदहाड़े गोली मारकर की थी हत्या

रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) । लॉकडाउन के दौरान दो माह पूर्व पटना जिले के पूर्वी इलाके में गोलीबारी हुईं थी, इसमें शख्स की गोली लगी थी, उसी समय ” तरूणमित्र ” हिन्दी दैनिक ने खबर प्रकाशित किया था की गैंगवार की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता । बीते बुधवार को बिक्रम में गोलीबारी कर दीनाबिगहा के उज्जव कुमार को जख्मी किया गया हैं ,इसको अंजाम बिहटा के सिकंदरपुर का रहने वाला कुख्यात छोटे व पालीगंज के एक अपराधी ने दिया हैं ।घटना को अंजाम देने के बाद दोनों अपराधी मोटरसाइकिल पर सवार हो फरार हो गये । पुलिस ने मौके वारदात से दो खोखा बरामद किया हैं । जख्मी उज्जवल खतरे से बाहर है और पटना स्थित अस्पताल में इलाजरत हैं । उज्जवल, कुख्यात  माणिक गिरोह का मेंबर हैं । जिसने बिहटा में दिनदहाड़े एक पूर्व मुखिया संजय राम की गोली मारकर हत्या कर दिया था और जमानत पाकर जुबेनाइल से छूटा था।

दो माह पूर्व गोलीबारी में बाल-बाल बचा था कुख्यात छोटे

बिहटा में 6 माह पूर्व एक घरेलू कार्यक्रम के दौरान कुख्यात छोटे और इसके साथियों ने घर से बुलाकर कुख्यात माणिक गिरोह के दो सदस्यों की गोली मारकर जख्मी कर दिया गया था। इस घटना का बदला कुख्यात माणिक गिरोह के गुर्गे ने पटना पूर्वी के मसौढ़ी क्षेत्र में छोटे पर गोलीबारी कर लिया । इसमें कुख्यात छोटे तो बाल-बाल बच गया था लेकिन एक शख्स जख्मी हो गया था। इस मामले में किसी को नामजद नहीं बनाया गया था । इससे से स्पष्ट हो गया था की घटना का बदला लिया जाएगा । बिक्रम में गोलीबारी की घटना दो माह पूर्व के मसौढ़ी क्षेत्र में हुये गोलीबारी का बदला माना जा सकता हैं ।

नकेल नहीं कसा तो और हो सकते हैं शिकार

नौबतपुर का कुख्यात उज्जवल कुमार ,जटा सिंह जेल में है। माणिक सिंह को विरासत में मिला अपराध, और नाबालिग अवस्था में ही कई हत्या को अंजाम देने के बाद बिहार -झारखंड के कई जिले में एक के बाद एक बड़ी घटनाओं को अंजाम देने के बाद कुख्यात बन गया । कुख्यात माणिक पटना के पश्चिमी के अपराध जगत में चल रहा था । इसी क्रम में बिहटा के सिकंदरपुर के छोटे और कुख्यात माणिक के गुर्गे से विवाद हो गया । दोनों ओर से लगातार एक-दूसरे पर हमला किया जा रहा हैं । दर्जनों संगीन अपराध के आरोपी है और फरार चल रहें हैं । पुलिस जल्द अगर नकेल नहीं कसी तो और भी इनके शिकार हो सकते हैं । सुत्रों की मानें तो दोनों गिरोह में नाबालिग लड़के शामिल हैं जो बात-बात पर गोलीबारी करने से नहीं हिचकते हैं । दोनों गिरोह एक -दूसरे को चैलेंज भी दे चुके हैं ।

कोरोना आ गया नहीं तो अपराधियों का जाता रोना

सुत्रों की मानें तो पटना के पश्चिमी इलाके में सक्रिय अपराधियों के खात्मे के लिए सिटी एसपी अशोक मिश्रा ने एक पुरी सूची तैयार कर ली थी और तेज तर्रार पुलिस पदाधिकारियों को लेकर एक स्पेशल टीम गठित की थी और केन्द्रीय एजेंसी से जानकारी कर लोकेशन का तोड़ भी निकाल लिया गया था। एसपी के निशाने पर फरार चल रहें अपराधियों ,गिरोह के गुर्गे के साथ गिरोह के संरक्षण देने वाले सफेदपोश पर भी नजर थी ,रिजल्ट आने ही वाला था की कोरोना ने दस्तक दे दिया और पुरे देश का सिस्टम ही ठप हो गया । सिटी एसपी अशोक मिश्रा जब दानापुर एएसपी थे तो इनके नकेल का ही देन था की सिपाही हत्याकांड का मुख्य आरोपी नौबतपुर का कुख्यात उज्जवल ने सरेंडर किया था और कुख्यात जटा सिंह को इनके ही इनपुट पर भोजपुर से गिरफ्तार किया गया था।
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