मथुरा

स्वर्ण जयंती के चिकित्सक बोल अब कंपनी के गुण्डे दे रहे धमकी, अनिश्चितकालीन शुरू

मथुरा। इंडियन ऑइल मथुरा रिफाइनरी द्वारा संचालित स्वर्ण जयंती सामुदायिक हॉस्पिटल इन दिनों हस्पताल में जारी भारी कुप्रबंधन के कारण खासी चर्चा में बना हुआ है।
एक पखवाडे के अंदर यह दूसरा मामला है जब स्वर्ण जयंती के स्टाफ को सडक पर आना पडा है। स्वर्ण जयंती में कार्यरत चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ का आरोप है कि इंडियन ऑइल प्रबंधन द्वारा प्रदत्त टेंडर धारक निजी कंपनी मानव जन कल्याण समिति कानपुर हॉस्पिटल के स्टाफ के साथ गुंडागिर्दी पर उतर आई है। जबकि वह कोरोना काल में अपनी जान की परवाह किये बगैर मरीजों की सेवा कर रहे हैं। वहीं डॉक्टर्स व पैरामेडिकल स्टाफ का ने प्रेसवार्ता में बताया कि निजी कंपनी के लोग आये दिन समस्त स्टाफ एवं महिला कर्मचारियों के साथ दुव्र्यवाहर, गाली गलौज व गुंडई करते हैं और स्टाफ को धमकाने से बाज नहीं आते। हॉस्पिटल परिसर में 15-20 गुंडा तत्त्व आये दिन आ धमकते हैं और स्टाफ को प्रबंधन के खिलाफ अपना मुंह बंद करने की धमकी देते हैं। जिससे समस्त स्टाफ में भय व्याप्त हो गया है और डॉक्टर्स व पैरामेडिकल स्टाफ की कार्यकुशलता पर असर पड़ रहा है
समस्त स्टाफ ने एक स्वर से मांग की है कि हॉस्पिटल में मौजूदा कर्मचारियों को बिना किसी भेदभाव और वर्तमान में जारी मासिक सैलरी और भत्तों में बिना किसी कटौती के साथ समस्त स्टाफ को उनकी अनुकरणीय सेवाओं को ध्यान में रखते हुए नौकरी में बरकरार रखा जाए और हॉस्पिटल के वित्तीय जैसे अहम् मुद्दों पर पारदर्शिता अपनाने के साथ साथ प्रशासनिक स्तर पर भी कोई कुप्रबंधन न हो। प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ हड़ताल पर गए डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ ने साफ कहा है कि ये हॉस्पिटल जनता की सेवा के लिए बना है और बीस सालों से समस्त स्टाफ दिन रात एक कर मरीजों की सेवा में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है। कोई भी कुप्रबंधन और कर्मचारियों का उत्पीड़न असहनीय होगा। अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे डॉक्टर्स एव पैरामेडिकल स्टाफ ने पुरजोर मांग की है न्याय न मिलने तक आंदोलन बदस्तूर जारी रहेगा। इस बाबत जब रिफाइनरी प्रबंधन और हास्पिटल के टेंडर धारक एनजीओ के संचालकों से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
ज्ञात रहे कि इसी पखवाडे कोरोना वेतन भत्तों में कटौती के मुद्दे पर

वेतन भत्तों में काटौती से जुडा है पूरा मामला
स्वर्ण जयंती अस्पताल का पूरा मामला वेतन भत्तों में कटौती से जुडा है। इंडियन ऑइल मथुरा रिफाइनरी ने हास्पीटल संचालन के लिए प्राइवेट कंपनी को टैंडर दिया हुआ है। कंपनी कोरोना काल का हवाला देते हुए हास्पीटल के चिकित्सकों और स्टाफ के वेतन भत्तों में काटौती करना चाहता है। स्टाफ इसका विरोध कर रहा है। इससे पहले भी चिकित्सक और स्टाफ सडक पर धरना दे चुका है। इसके बाद मथुरा रिफाइनरी प्रबंधन की ओर से यह स्पष्टीकरण दिया गया था कि किसी भी चिकित्सक अथवा स्टाफ का के वेतन भत्ते अथवा किसी दूसरी सुविधाओं में कोई कटौती नहीं की जाएगी।

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