मथुरा

जन्मदिन पर केक नहीं काटा, ईशा ने पौधे लगाये

जन्मदिन जैसे अवसरों को पौधा रोप कर बनाया जा सकता है यादगार

मथुरा। खुशी के किसी अवसर को यादगार बनाने के आवश्यक नहीं है कि बहुत खर्च किया जाये। प्रकृति के साथ चल कर हम खुशियां भी बांट सकते हैं और पर्यावरण को भी संवार सकते हैं। इसी तरह की पहल निरंकारी सत्संग से जुडी एक नन्ही बच्ची ने की है जिसकी हर ओर सराहना हो रही है। निरंकारी सत्संग और सद्गुरु माता सुदीक्षा महाराज से सीख पाकर एक बालिका ईशा निरंकारी ने अपने जन्मदिन पर पौधे लगाकर पर्यावरण से प्रेम उजागर किया।
निरंकारी मिशन के मीडिया प्रतिनिधि किशोर स्वर्ण ने बताया कि निरंकारी सत्संग से जुड़े मथुरा रेलवे में सिनियर सेक्शन इंजीनियर पद पर कार्यरत विजय बहादुर की बिटिया ईशा निरंकारी ने अपना ग्यारहवां जन्मदिन पौधे लगातार सादगी से मनाया। ईशा ने अपनी बड़ी बहन दिशा के साथ मिलकर रेलवे इंस्टीट्यूट के सामने रेलवे क्वाटर के बाहर पौधे लगाए।
ईशा अपने पिता विजय बहादुर के साथ बचपन से निरंकारी सत्संग जा रही है, उसे यह सीख सत्संग से ही मिली थी। अभी लॉकडाउन से पहले 23 फरवरी को ही संत निरंकारी सत्संग भवन के बाहर पौधे लगाए गए थे।
मथुरा के जोनल इंचार्ज एचके अरोड़ा ने कहा कि संत निरंकारी चेरिटेबल फाउंडेशन के पर्यावरण सरंक्षण की दिशा में किये जा रहे अनेकों प्रयासों से प्रेरित होकर ईशा बेटी ने जन्मदिवस पर पौधरोपण करके सार्थक कार्य किया है। वास्तव में अगर हम इसी तरह प्रेरणा लेकर जन्मदिन या शादी की वर्षगांठ या खुशी के अवसर पर पौधरोपण करें तो यह पर्यावरण सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान होगा।

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