महाराजगंज

परसामलिक थाना का रेहरा नाका बना तस्करों का सुरक्षित नाका

अगर कोई बाहरी टीम इस नाके की निगरानी गुप्त तरीके से करें तो सब कुछ दूध का दूध और पानी का पानी अलग-अलग हो जाएगा जिसमें सतर्कता की दावा ठोकने वाले जिम्मेदारों का हकीकत भी खुल कर सामने आ जाएगा।

महराजगंज, परसामलिक थाना क्षेत्र के रेहरा नाका हमेशा से ही सुर्खियों में रहा है। इस नाके को जिम्मेदार अधिकारी हमेशा से ही छोटा नाका मानते आ रहे हैं तथा इस नाके को लेकर कभी अधिकारी गंभीर नहीं हुए यही कारण है कि आए दिन इस नाके से बड़े पैमाने पर हर वस्तु की तस्करी हो रही है। जिसमें पुलिस, एसएसबी व कस्टम विभाग के लोग तस्करों से मोटा रकम लेकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। यह हम नहीं कहते बल्कि नाम न छापने के शर्त पर थाने के एक सिपाही का कहना है कि उपरोक्त जिम्मेदारों को प्रति हफ्ते हिस्सा दिया जाता है जिसमें थाना, एसएसबी, व कस्टम विभाग के लोग अपना-अपना हिस्सा लेकर बड़े पैमाने पर तस्करी करवा रहे हैं। सुत्रों का कहना है कि कोई लाख कोशिश कर ले लेकिन रेहरा नाके से तस्करी पर अंकुश लगा पाना संभव नहीं है। क्योंकि इस नाके से तस्करी को लेकर तस्कर पूरे सिस्टम को मिला कर चलते हैं। इस नाके से गोरखपुर, सिद्धार्थनगर तथा कुशीनगर के तस्कर संलिप्त हैं । जो जिम्मेदारों से मिलकर इस नाके से हर वस्तु की तस्करी कर रहे हैं विशेष सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस नाके से जंगली जानवरों के मांस की तस्करी भी रात के अंधेरे में की जा रही है उन्होंने कहा कि अगर कोई बाहरी टीम इस नाके की निगरानी गुप्त तरीके से करें तो सब कुछ दूध का दूध और पानी का पानी अलग-अलग हो जाएगा जिसमें सतर्कता की दावा ठोकने वाले जिम्मेदारों का हकीकत भी खुल कर सामने आ जाएगा। वहीं लोगों का कहना है कि अगर रेहरा नाके से तस्करी पर अंकुश नहीं लगाया गया तो वह दिन दूर नहीं जिस दिन हमें पछताने के सिवाय कुछ नहीं मिलने वाला। बताते चलें कि परसामलिक थाना क्षेत्र के रेहरा नाके से आए दिन खाद की तस्करी बड़े पैमाने पर चल की जा रही है जिसको लेकर जिम्मेदार पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं ऐसा नहीं की तस्करी की जानकारी स्थानीय पुलिस व एसएसबी को नहीं है जानकारी सभी जिम्मेदार लोगों को है लेकिन कोई जिम्मेदार जांच करने व छापेमारी करने का जहमत नहीं उठाने चाहते यही कारण है कि बिना किसी रोक-टोक के धड़ल्ले से खाद जिगिना, जमुहानी , हरलालगढ, श्रीरामपुर स्थित खाद की दुकानों से तस्कर पिकअप गाड़ी, ट्रैक्टर ट्राली, बाइक व वीआईपी कारों से तस्कर रेहरा नाका पहुंचाते हैं जहां से कैरिंग के माध्यम से आसानी से भारतीय खाद नेपाल पहुंचा रहे हैं तथा उधर से कनाडियन मटर व पाकिस्तानी छुहारा लाकर रेहरा नाका रखा जाता है वहीं जब करीब सौ बोरी इकट्ठा हो जाता है तो उसे आसानी से रात के अंधेरे में रोजाना करीब चार पिकअप माल गोरखपुर मंडी बिना किसी रोक-टोक के आसानी से भेज दिया जाता है। जिससे तस्करों से लेकर जिम्मेदार लोग खूब मलाई खा रहे हैं।

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