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सावन में आनलाइन रुद्राभिषेक की तैयारी शुरू

-कोरोना काल में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था. ज्योर्तिलिंगों के आचार्य कराएंगे अनुष्ठान

लखनऊ। कोरोना संकट काल में धार्मिक स्थलों पर प्रतिबंध है। ऐसे में श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए राजधानी समेत देश के अनेक ज्योतिलिंर्गों के आचार्यों ने एकमत होकर आॅनलाइन अनुष्ठान का सुनहरा विकल्प भक्तों के सामने रखा है।  इसके माध्यम से सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए हिन्दू धर्म से जुड़े लोगों की आस्था का ध्यान रखते हुए वैदिक ऊर्जा संस्था ने आॅनलाइन पूजा की सेवाएं लॉन्च की है। गौरतलब है कि सावन के महीने में श्रद्धालु मंदिरों में जाकर जल चढ़ाते हैं। वहीं कई जजमान घर में रुद्राभिषेक करते हैं , लेकिन इस बार करोना  के चलते ये संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में लोगों की सुरक्षा , सुविधा और आस्था को ध्यान रखते हुए वैदिक ऊर्जा से जुड़े आचार्य मोबाइल और लैपटॉप के जरिये सुगम तरीके और विधि विधान से आॅन लाइन पूजा करा रहे हैं। वैदिक ऊर्जा सावन माह में वाराणसी, उज्जैन, केदारनाथ , रामेश्वरम,  त्रियंबकेश्वर , अयोध्या , बिठूर जैसी पवित्र स्थानों से भी पूजा की सुविधा दे रहा है।  जो भक्तगण खुद न करके मंदिर में अनुष्ठान करवाना चाह रहे हैं , उनसे संकल्प लेकर मंदिरों में भी पूजा अनुष्ठान किया जा रहा है, जिसे भक्तगण आॅन  लाइन देख भी सकते हैं। ये देश का अपने तरह का अनूठा स्टार्ट अप है। जिसमें गुणवत्ता और शास्त्रगत विधियों को ध्यान रखते हुए केवल आचार्य , शास्त्री या डॉक्टरेट की शिक्षा लिए हुए पंडितों को ही जोड़ा जा रहा है। संस्था के फाउंडर कृष्णा नगाइच ने बताया की उनका उद्देश्य वैदिक ऊर्जा के माध्यम से सभी हिन्दू धरम के अनुयाइयों को डिजिटल माध्यम से बेहतरीन सेवाएं देना , पूजा और अनुष्ठान में पूर्ण विधि का पालन और केमिकल फ्री पूजा सामग्री उपलब्ध कराना  है ताकि लोग सुगमता , सहजता , पवित्रता और पारदर्शिता के साथ अपनी आस्था अनुसार पूजा करा सकें। जानकारी के मुताबिक वैदिक ऊर्जा आॅनलाइन पूजन और हिंदू कर्मकांड की संस्था है। यह अनोखा स्टार्टअप श्रद्धालुओं को श्रावण मास सहित अन्य दिनों में भी विशेष अनुष्ठान करवाने में सहायक सिद्ध होगा। संस्थान में देश के ख्यातिलब्ध आचार्यों को जोड़ा गया है। इसमें लखनऊ से पंडित सच्चिदानंद त्रिपाठी, पंडित श्याम मिश्रा, पंडित राम मिश्रा, कानपुर से  पंडित आकाश पांडेय, अयोध्या से पंडित आशुतोष पांडेय, पंडित गोपाल कृष्ण, वाराणसी से काशी विश्वनाथ मंदिर के पंडित हिमांशु त्रिपाठी, मृत्युंजय मंदिर के राम स्वरूप द्विवेदी, बाल कृष्ण द्विवेदी, पंडित श्याम मिश्रा, उज्जैन से डॉ राम नागर, त्रयंबकेश्वर से पंडित सुशील कुलकर्णी समेत अन्य कई आचार्य श्रद्धालुओं की सहायता के लिए सुलभ होंगे। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए वैदिक ऊर्जा की वेबसाइट पर जाकर अपनी श्रद्धा और सुविधा के अनुरूप आपको सेवा का सेलेक्शन करना होगा। इसके बाद आचार्य से संपर्क होगा, जो आपको विधि विधान से अनुष्ठान कराएंगे। खास बात ये है कि इस प्लेटफॉर्म पर देश के समस्त ज्योर्तिलिंगों के आचार्य जुड़े हुए हैं।

मनकामेश्वर में सात फुट की दूरी से जलाभिषेक
राजधानी में गोमती तट के समीप स्थित सुविख्यात मनकामेश्वर मंदिर में आनलान पूजन-अर्चन की कोई खास व्यवस्था नहीं रखी गई है। यहां की महंत दिव्यागिरी ने बताया चूंकि पूजा-पाठ के आॅनलाइन विधि-विधान से हर भक्त परिचित नहीं हो पाता है, ऐसे में कोई व्यवस्था नहीं रखी गई है। हालांकि उन्होंने यह बताया कि कोरोना काल में सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था बनायी गई है कि सात फुट की दूरी से भगवान शिव के लिंग पर जलाभिषेक हो सकेगा। इसके लिये इतनी ही दूरी पर एक खास आकार में पाइपलाइन बनाया गया है। गर्भगृह के अंदर किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।

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