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डिप्रेशन: मूक हत्यारा

आशीष रंजन
पटना । डिप्रेशन एक असाधारण भावनात्मक स्थिति है जो हमारी सोच भावना अनुभव व्यवहार  पर असर करता है।
पूरे विश्व में 400 मिलियन से ज्यादा लोग डिप्रेशन से प्रभावित होते हैं और  यह विश्व व्यापी रूप से  बीमार स्वास्थ्य और  अयोग्यता का महत्वपूर्ण कारण है।
भारत में  हर वर्ष  8 लाख लोगों को डिप्रेशन के चलते अपनी जान गंवानी पड़ती है।डिप्रेशन को लेकर लोगों में जागरूकता बहुत ही कम है। अक्सर डिप्रेशन की तुलना निराशा से किया जाता है।
 निराशा एक साधारण मानव्य प्रतिक्रिया है जो की विपरीत परिस्थितियों के कारण होता है और समय के साथ कम हो जाता है। डिप्रेशन एक असाधारण भावनात्मक स्थिति है जो हमारी सोच भावना अनुभव व्यवहार  पर असर करता है।
डिप्रेशन को अक्सर कमजोरी की निशानी के तौर पर देखा जाता है डिप्रेशन अकेलेपन की एक बीमारी है। बहुत से युवा लोग स्कूल और कॉलेज में हद से ज्यादा और मायूसी से अकेलापन महसूस करते हैं।
सकारात्मक तौर पर समय के साथ शिक्षा के स्तर में उठान के कारण मानसिक स्वास्थ्य के मामले और उनके इलाज को लेकर पिछले कुछ सालों से हालात पहले से बेहतर हुए हैं। अब ज्यादातर लोग लोग इसके बारे में खुलकर बात करने लगे हैं। पहले से बेहतर इलाज भी अब हमारे पास मौजूद है। अकेलेपन से लड़ना बहुत ही मुश्किल होता है और इसमें  परिवार  के सहारे की बहुत जरूरत होती है। 

 मशहूर और डिप्रेस्ड

 शाहरुख खान: साल 2010 में   अपने कंधे के चोट के बाद वाह  डिप्रेशन से प्रभावित थे।
 अनुष्का शर्मा: साल 2015 में अनुष्का शर्मा ने बताया था कि वह चिंता और डिप्रेशन का इलाज करवा रही है।
 वरुण धवन: वरुण बताते हैं कि बदलापुर मूवी के शूट के दौरान वह डिप्रेशन से जूझ रहे थे।
 सुशांत सिंह राजपूत: साल 2020 में सुशांत अपने घर में मृत पाए गए। ऐसा माना जाता है कि वह पिछले 6 महीने से डिप्रेशन से जूझ रहे थे।

डिप्रेशन से जूझ रहे लोगों की मदद करें

डिप्रेशन से जूझ रहे हैं इंसान की बात सुने उनसे पूछे कि उन्हें किसी मदद की जरूरत तो नहीं। उनकी सहायता करें और  उन्हें जज ना करें।
 अगर कोई व्यक्ति  मानसिक स्वास्थ्य ठीक ना होने के कारण छुट्टी लेता है और जब वह काम पर वापस आता है तो वहां पर उसके साथ कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। उस इंसान के साथ पूरी सहानुभूति रखें।
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