पटनाबिहार

पटना पुलिस खड़े-खड़े निगल गयी जब्त कार और दो आईफोन !

रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) । बिहार पुलिस अपने कारनामें को लेकर अक्सर चर्चा में रहती हैं । कभी थाने में जब्त शराब चूहे पी जाते हैं , जब्त हजारों रूपये चूहे का भोजन होता हैं । इस बार तो पुलिस ने जब्त कार और दो आईफोन मोबाइल को खड़े-खड़े निगल गयी ? जब्त सामान को लेकर जब कोर्ट ने खोज खबर लिया तो पुलिस ने रिपोर्ट में स्पष्ट कहं दिया की जब्त कार और दो आईफोन नहीं हैं । पीडि़त का आरोप है की जब्ती सूची का सामान तो गायब है ही ,पुलिस घर से एक एप्पल का लैपटॉप उठा ले गयी थी इसकी जब्ती सूची ही नहीं बनाई गयी ।
थानाध्यक्ष ने कहां की जब्ती सूची में कार और दो आईफोन है लेकिन तत्कालीन थानाध्यक्ष /मालखाना प्रभारी / अनुसंधानकर्ता द्वारा उपलब्ध नहीं करायी गई हैं । अब सवाल उठता है की जब्त कार और दो आईफोन थाने से गायब है ,और सबकुछ जानकारी होने के बाद भी सबकुछ फॉर फिट हैं ।

थानाध्यक्ष के बयान पर एफआईआर और जब्त सामानों की सूची 

तत्कालीन थानाध्यक्ष ( पाटलीपुत्रा ) तारकेश्वरनाथ तिवारी ने दिनांक 6 फरवरी 2018 को गर्दनीबाग थाने में कांड संख्या -26/18 धारा -420 /467/468/471/120 (बी)  एवं आर्म्स एक्ट 25 (1-बी) ए/26/35 दर्ज कराया । इसमें उल्लेख किया गया है की पाटलीपुत्रा थाना कांड संख्या -40 /18 के अभियुक्त शशि रंजन के घर ( गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के भीखाचक नहरपर ) में कई पुलिसकर्मी के साथ छापेमारी किया । शशि रंजन के कमर में एक सर्विस रिवाल्वर नंबर -सी4754एम , फियट लिनिया कार नंबर -बीआर-01सीएन-3547 ,दो आईफोन ( 6 एस और 7 ) आदी सामान बरामद किया । जिसकी जब्ती सूची बनाई गयी और दो गवाह के रूप में  दशरथ पासवान ,उपेन्द्र पासवान इसके  साक्षी है, अभियुक्त शशि रंजन का हस्ताक्षर भी जब्ती सूची पर लिया गया । 
 

कोर्ट रिपोर्ट में खुलासा ,थाने में नहीं हैं जब्त कार और दो आईफोन 

 
अभियुक्त शशि रंजन ने अपने जब्त सामानों को रिलीज करने के लिए सब जज -14 सह एसीजेएम के कोर्ट में दिनांक -11 -03 -19 को याचिका दाखिल किया । कोर्ट ने पत्रांक -650 दिनांक -25/6/19 के द्वारा गर्दनीबाग थाने से कॉल फॉर रिपोर्ट किया । करीब 6 माह बाद दिनांक -1 /2/20 को केस के अनुसंधानकर्ता क्रांसिस किस्कू ने थानाध्यक्ष गर्दनीबाग के अग्रसारित रिपोर्ट, डी आर नंबर -362/20 कोर्ट को समर्पित किया । इसमें स्पष्ट रुप से बताया की जब्त प्रदर्शो ( सामानों ) में सिर्फ रिवाल्वर और 5 जिंदा गोली वर्तमान में है जो थाना मालखाना में सुरक्षित हैं । अन्य जब्त प्रदर्शो( सामानों ) का प्रभार तत्कालीन थानाध्यक्ष / मालखाना प्रभारी / अनुसंधानकर्ता द्वारा उपलब्ध नहीं करायी गयी हैं । 
 

ढाई वर्षों से जारी है अनुसंधान  ,केस आईओ ने नही दिया है चार्ज 

 
कोर्ट भेजे गये रिपोर्ट पर सहायक अवर निरीक्षक क्रांसिस किस्कू ने लिखा है की कांड संख्या 26 /2018 वर्तमान में अनुसंधानांगर्त हैं । जिसे प्रभार हेतु तत्कालीन अनुसंधानकर्ता, अवर निरीक्षक डा नरेंद्र प्रसाद के पास लंबित हैं । 
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