बिहार

गांव-गांव जाकर ‘आत्मनिर्भर भारत’ की अलख जगाएंगे भाजपा कार्यकर्ता

BJP workers will go from village to village to awaken 'self-reliant India'

पटना। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने ‘सशक्त बिहार,आत्मनिर्भर भारत’ को भारत के पुनरुत्थान का पर्व बताते हुए कहा कि भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह अभियान भारत की आन, बान और शान का परिचायक होगा और भाजपा कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर इसकी अलख जगाएंगे। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री का सपना है कि भारत का युवा, महिला, गरीब, मजदूर भी कम से कम इतना करे कि स्वदेशी का प्रयोग करे, साथ ही उनके प्रयोग के लिए दूसरों को भी प्रेरित करे।

यह हरेक नागरिक का कर्तव्य है। जब हम न्यूनतम इतना करेंगे, तभी आत्मनिर्भरता को अपना सकेंगे। भारतीयों के परिश्रम और प्रतिभा से बने लोकल उत्पादनों के दम पर भारत में आय़ात में कमी आएगी। जायसवाल ने कहा, ‘जब लॉकडाउन की घोषणा हुई तभी रिजर्व बैंक ने रेपो रेट और इंटरेस्ट रेट को घटाकर 8 लाख करोड़ से अधिक रुपए बाज़ार में डाल दिए, ताकि तरलता बनी रहे। इसके साथ कुछ दिनों पहले गरीब कल्याण योजना के तहत मुफ्त राशन बांटने की अवधि को नवंबर तक कर दिया गया और उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त में सिलेंडर मिलने की योजना भी सितंबर तक बढ़ा दी गयी। ग्लोबल टेंडर की सीमा भी बढ़ाकर 200 करोड़ रुपए तक कर दी गयी है, जिससे स्वदेशी कंपनियों और उद्योगों को बढ़ावा मिले।

उन्होंने कहा जब पूरा विश्व कोरोना संकट में बहुत बुरी तरह जूझ रहा था, तब प्रधानमंत्री मोदीजी ने अपने कुशल नेतृत्व से भारत को न केवल इस महामारी के प्रचंड प्रकोप से बचाया,बल्कि इसकी अर्थव्यवस्था को भी टूटने नहीं दिया। हाल ही में कैबिनेट ने अपने फैसले में एमएसएमई सेक्टर के लिए 3 लाख करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है। पीएम स्वनिधि योजना के नाम से रेहड़ी-पटरी वालों को अब 10 हजार रुपए तक का ऋण मिल सकेगा। यह देश के करोड़ों लोगों के लिए फायदेमंद होगा। जायसवाल ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री की कुशल नीति का ही परिणाम है कि हमलोग इज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ में 163 से 63 वें स्थान पर आ गए और हम विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं।

हमारे प्रधानमंत्री ‘लोकल पर वोकल’ की नीति पर ज़ोर दे रहे हैं। उनका जोर ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ का है। बैंकिंग सेवाओं में सुधार कर डीबीटी, जनधन, आधार व मोबाइल वगैरह के जरिए बिना लीकेज के लोगों तक पैसा जा रहा है। जीईएम प्लेटफॉर्म पर छोटे समूह या व्यापारी सीधे अपनी चीजें भारत सरकार को पहुंचा सकते हैं। केंद्र की सरकार हरेक वह आवश्यक कदम उठा रही है, जिससे आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सके।

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