बिहार

हर साल 9 जुलाई को ‘तीर शक्ति दिवस मनाएगी’ महिला जदयू

Women JDU to celebrate 'Arrow Shakti Divas' on 9 July every year

पटना। जदयू के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में दल के नेता आरसीपी सिंह ने आज गूगल मीट एवं फेसबुक लाइव के माध्यम से महिला जदयू से संवाद किया। महिला जदयू की प्रदेश अध्यक्ष श्वेता विश्वास की अध्यक्षता में आयोजित आज के संवाद कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष रुचि अरोड़ा, पटना महानगर अध्यक्ष पूनम झा समेत प्रियाका कुमार, आशा कुमारी, ममता शर्मा मौजूद रहीं। महिला जदयू ने आज से ‘तीर शक्ति संवाद’ प्रारंभ किया जिसका उद्घाटन आरसीपी सिंह ने किया।

इस मौके पर अपने संबोधन में आरसीपी सिंह ने कहा कि 9 जुलाई के ही दिन 2015 में जीविका समूह की बैठक में महिलाओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से शराबबंदी की मांग की थी। इसी दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की थी कि अगर हमें बिहार में फिर से सेवा करने का अवसर मिला तो पूरे बिहार में शराबबंदी लागू करेंगे और फिर से सरकार बनते ही उन्होंने अपना वादा पूरा किया। आधी आबादी की मांग पर इसी दिन उन्होंने बिहार को शराबरूपी कोढ़ से मुक्त कराने का संकल्प लिया इसलिए इस दिन को भुलाया नहीं जा सकता। आरसीपी सिंह ने महिला जदयू से अपील की कि इस ऐतिहासिक दिन को महिला जदयू की सभी नेत्रियां हर वर्ष ‘तीर शक्ति दिवस’ के रूप में मनाने का संकल्प लें।

आरसीपी सिंह ने सभी नेत्रियों से कहा कि वे शराबबंदी से हुए फायदों को नीचे तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़े के मुताबिक जहां प्रति एक लाख व्यक्ति पर संज्ञेय अपराध की घटनाएं 383.5 है, वहीं बिहार में यह 222.1 है। इसी तरह प्रति एक लाख महिलाओं पर अपराध की घटना का राष्ट्रीय औसत 58.8 है, जबकि बिहार में यह 29.8 है। महिलाओं के शारीरिक उत्पीड़न से जुड़े अपराध के आंकड़ों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसका राष्ट्रीय औसत जहां 7.4 है, वहीं बिहार में यह मात्र 0.2 है। इसी तरह पति द्वारा सताई गई महिलाओं का राष्ट्रीय औसत 16 है, जबकि बिहार में यह मात्र 4.5 है। इन आंकड़ों को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है।

आरसीपी सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार में पूरी ईमानदारी से कानून का राज स्थापित किया है। आज किसी की औकात नहीं कि यहां कानून का उल्लंघन करे और बच जाय। आज बेटियां भयमुक्त होकर साइकिल से बिहार निकलती हैं। नीतीश कुमार ने दो पहियों वाली साइकिल से बिहार की बेटियों के अरमान को जैसे पंख दे दिए। लोहिया जी जिस नर-नारी समानता की बात करते थे उसे नीतीश कुमार ने अमलीजामा पहनाया। आज हर घर में नल का जल है, शौचालय है, हर दरवाजे तक पक्की गली और नालियां हैं और हर घर बिजली से रोशन है।

आरसीपी सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार के राज में बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक का सारा खर्च सरकार उठाती है। बेटियों के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत मात्र एक प्रतिशत पर चार लाख तक का ऋण उपलब्ध है। उनके लिए ‘हुनर’ जैसे कार्यक्रम हैं। ‘उद्मी योजना’ के तहत ब्याजमुक्त 10 लाख रुपए तक देने की व्यवस्था है। नीतीश कुमार ने बिहार में जीविका की शुरुआत की तो उसे पूरे देश ने अपनाया। आज एक करोड़ से अधिक परिवार इससे जुड़े हैं। महिलाएं आज कोई भी काम कर सकती हैं और अपनी मेहनत और मेधा की बदौलत कोई भी पद प्राप्त कर सकती है।

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