हरदोई

सादगी ही जीवन का आधार-डॉ राजेश मिश्रा

सादगी ही जीवन का आधार-डॉ राजेश मिश्रा

हरदोई।वैश्विक महामारी के कारण भागदौड़ भरी जिंदगी में ठहराव आया तो देखने का नजरिया भी बदल गया।लोगों के खान-पान व रहन-सहन में सादगी आ गयी।शहीद उद्यान स्थित कायाकल्प केन्द्र के संस्थापक व प्रख्यात् नेचरोपैथ डॉ राजेश मिश्र ने बताया कि हमारे यहाँ के सभी महापुरुषों का जीवन सादगीपूर्ण रहा है लेकिन हम ही सादगी से दूर चले गए थे। बताया विलासितापूर्ण जीवन से उकताए अमेरिका में हर साल बारह जुलाई को ‘सादगी दिवस’ मनाया जाता है, जबकि भारतीय संस्कृति और समाज का यह सर्वोच्च मूल्य है।
डॉक्टर मिश्र बताते हैं कि सब कुछ पा लेने की चाहत में हम भागते ही रहते हैं। बस, एक ही लक्ष्य होता है कि हम साधन सम्पन्न हों और हमारे पास सबसे अधिक हो। कहा यह जीवन की सच्चाई नहीं है, पर मान बैठते हैं और इसी में उलझे रहते हैं।डॉक्टर राजेश ने बताया कि ‘‘जीवन उलझा हुआ नहीं है, हम ही उलझे हुए हैं।”कहा पद, प्रतिष्ठा, सम्मान पाने की लालसा में व्यक्ति किसी न किसी रूप में कोई प्रदर्शन करता है। इससे उसकी सादगी खत्म हो जाती है। उसके जीवन का आनन्द चला जाता है और अन्दर से वह खोखला हो जाता है। बताया विचारवान लोग सादगी की महत्ता को समझते हैं। कहा सुखमय जीवन के लिए अपनी आवश्यकताओं को कम करें और सादगीपूर्ण प्राकृतिक जीवन जियें।

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