लखनऊ

पीएम आवास पाने के लिए दर-दर ठोकरें खाने पर मजबूर गरीब महिला 

लखनऊ।प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ ग्रामीण पाने से महरूम है। प्रधान, सचिव व अन्य अधिकारियों की रहमोकरम पर ही इस योजना का लाभ कुछ ग्रामीण को या महिलाओं को मिलता है। जो सुविधा शुल्क की दक्षिणा चढ़ाता है। अन्यथा ग्रामीण प्रधान से लेकर आला अफसरों की चौखट पर आवास पाने के लालच में दर दर भटकते रहते हैं।बाहर गांव की उर्मिला को आज तक प्रधानमंत्री आवास नसीब नहीं हो सका है।उर्मिला पत्नी सुनील तथा तीन बच्चे वर्षा जाड़ा वह गर्मी के मौसम में पॉलिथीन तान कर गुजर-बसर कर रहे हैं। वर्षा के दौरान उर्मिला अपने परिवार के साथ एक कोने में दुबक कर रात काटते हैं। गर्मी की मार को वह पेड़ की छाया में दिन में व्यतीत करते हैं। किसी भी मौसम में उनके परिवार को राहत नहीं मिलती वह आवास पाने के लिए अधिकारियों तक गणेश परिक्रमा करती रहती हैं,पर उनके नसीब में आवाज नहीं है।
ताज्जुब की बात यह है, कि उर्मिला का पति सुनील मेहनत मजदूरी करके बच्चों के लिए दो जून का निवाला जुटा पाना मुश्किल है। कभी-कभी उनकी जब मजदूरी नहीं लगती है, तो बच्चे एक गिलास पानी पीकर सो जाते हैं। इतना ही नहीं वह गरीबी के दंश को भी झेल रहे हैं। पर उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। जब संबंधित अधिकारी से व पंचायत सचिव से इस संबंध में जानकारी की गई तो उन्होंने उक्त प्रकरण पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से मना कर दिया।

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