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पाकिस्‍तान: गुरुद्वारे को बना रहे थे मस्जिद, भारत पहुंची खबर और फिर…

लाहौर . भारत में इस समय राम मंदिर का भव्‍य भूमि पूजन होने जा रहा है। इसी बीच पाकिस्‍तान के एक धार्मिक स्‍थल से चौंका देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक ऐतिहासिक गुरुद्वारे को मस्जिद में तब्‍दील किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के कट्टरपंथी शहीदी स्थान को पूरी तरह से खत्म करना चाहते हैं। स्‍थानीय निवासियों का कहना है कि यह आधारभूत मानवाधिकार के खिलाफ है। हर किसी को अपना धर्म मानने की स्वतंत्रता होनी चाहिए और कोई भी इससे इंकार नहीं कर सकता।

जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के लाहौर में स्थित एक प्रसिद्ध गुरुद्वारे को मस्जिद में बदलने की कोशिश करने का मामला सामने आया है। इस पर भारत ने पाकिस्तान उच्चायोग के सामने अपना विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि ऐसी रिपोर्ट मिल रही है कि गुरुदवारा शहीदी स्थान, जो कि लाहौर के नौलखा बाजार में स्थित है और शहीद भाई तारु सिंह जी का शहीदी स्थल है, उसे पाकिस्तान द्वारा मस्जिद शाहिद गंज होने का दावा किया जा रहा है और अब उसे मस्जिद में तब्दील किया जा रहा है। इस पर पाकिस्तान उच्चायोग के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा शहीदी स्थान भाई तारु जी एक ऐतिहासिक स्थल है, जहां साल 1745 में भाई तारू जी ने अपना बलिदान दिया था। यह जगह सिख समुदाय के लिए काफी पवित्र मानी जाती है। यही वजह है कि भारत में इस पर काफी नाराजगी है।

वहीं अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने ट्वीट कर पाकिस्तान के पीएम इमरान खान से इस मामले में कार्रवाई करने की अपील की है। अपने ट्वीट में सिरसा ने लिखा है कि पाकिस्तान के कट्टरपंथी शहीदी स्थान को पूरी तरह से खत्म करना चाहते हैं। यह आधारभूत मानवाधिकार के खिलाफ है। हर किसी को अपना धर्म मानने की स्वतंत्रता होनी चाहिए और कोई भी इससे इंकार नहीं कर सकता। सिरसा ने इमरान खान से अपील करते हुए कहा कि कृप्या ऐसे कट्टरपंथी तत्वों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें और शहीदी स्थान को बचाएं। सिरसा ने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि पाकिस्तान में सिखों के साथ एक और अन्याय हो रहा है। भाई तारु सिंह के शहीदी स्थान को अब मस्जिद शाहिद गंज होने का दावा किया जा रहा है। सिख जो कि सबसे मानवीय समुदाय माना जाता है, उन्हें पाकिस्तान में कट्टरपंथियों द्वारा, जो इतिहास का भी सम्मान नहीं करते हैं, उन्हें गुंडा कहा जा रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारत इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रहा है। यह सरासर गलत है। पाकिस्तान के अल्पसंख्यक सिख समुदाय के लिए न्याय की मांग उठ रही है। भारत हर संभव स्‍तर पर इसका विरोध करेगा और इंटरनेशनल लेवल पर अपनी बात रखेगा।

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