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उपलब्धि हासिल करना खुशी की बात : स्टुअर्ट ब्रॉड

मैनचेस्टर। वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी और निर्णायक टेस्ट मैच में 10 विकेट लेकर इंग्लैंड की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्टुअर्ट ब्रॉड ने कहा कि उन्होंने अपने लिए कभी कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है।

वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट मैच से बाहर रहने के बावजूद ब्रॉड ने तीसरे टेस्ट में कुल 10 विकेट लिए। उन्होंने पहली पारी में छह विकेट लिए थे। वह 2013 के बाद से पहली बार एक टेस्ट मैच में कुल 10 विकेट लेने में सफल रहे हैं। मैन आॅफ द सीरीज और मैन आॅफ द मैच चुने जाने के बाद ब्रॉड ने कहा, मैंने कभी भी कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया।

आप ऐसा प्रदर्शन करना चाहते हैं जिससे कि टीम को जीत मिले। टेस्ट क्रिकेट में 500 विकेट हासिल करने पर ब्रॉड ने कहा कि यह उपलब्धि हासिल करना खुशी की बात है और यह उपलब्धि तब और खास हो जाती है, जब आपकी टीम उसी दिन मैच और श्रृंखला दोनों में जीत हासिल करे।

उन्होंने आगे कहा, मैंने अपने करियर के शुरूआती दौर से अब तक बहुत कुछ सीखा है। मैं फिलहाल तरोताजा महसूस कर रहा हूं और आग भी खेलने के लिए उत्सुक हूं।

ब्रॉड ने कहा कि उन्होंने अपने खेल में कुछ तकनीकी बदलाव किया है,जिसका फायदा उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में मिला। ब्रॉड ने कहा कि उन्होंने अपने रन-अप को बदल दिया है और वह कोशिश करते हैं कि बल्लेबाजों को अधिक से अधिक खेलने के लिए मजबूर करें।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की आधिकारिक वेबसाइट ने ब्रॉड के हवाले से कहा, मुझे लगता है कि मैं वैसी ही गेंदबाजी कर रहा हूं, जैसी पहले करता था। मैंने कुछ तकनीकी काम किए हैं और पिछले 18 महीनों में अपना रन-अप बदला है। मैं स्टंप को टारगेट करता हूं और कोशिश करता हूं कि बल्लेबाजों को ज्यादा से ज्यादा गेंद खिलाउं।

यह एक सामरिक बात है जो मुझे वास्तव में एक रोमांचक स्तर पर ले गई है। बता दें कि वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट से बाहर रहने के बावजूद ब्रॉड ने बाकी बचे दो मैचों में 16 विकेट हासिल किए।

इसके अलावा, ब्रॉड मंगलवार को 500 टेस्ट विकेट दर्ज करने वाले इंग्लैंड के दूसरे गेंदबाज बन गए हैं। टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों सूची में ब्रॉड सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं।

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