बिहार

केसरिया एसएफसी गोदाम में घुसा पानी, लाखों का राशन हुआ बर्बाद

केसरिया/मोतीहारी । एक तरफ कोरोना बाढ़ के कहर से भुखमरी के कागार पर है तो वही दूसरी तरफ विभागीय लापरवाही से लाखों रुपये का राशन पानी में भीग कर बर्बाद हो गया। सरकार कोरोना व बाढ़ से पीड़ित लोगों के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है ताकि उन्हें समय से खाद्यान्न व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सके लेकिन विभागीय अधिकारी व कर्मी ही सरकार के इस प्रयास को नकारा साबित करने पर तुले हुए हैं। मामला केसरिया स्थित राज्य खाद्य निगम के गोदाम का है जहां विभागीय लापरवाही के कारण करीब छह सौ क्विंटल खाद्यान्न पानी से घिरे गोदाम में फंसा हुआ है।

इसमें से करीब तीन सौ बोरा खाद्यान पानी में डुब कर बर्बाद हो गया है। बचे हुए खाद्यान को आनन-फानन में नाव के सहारे निकाल कर संबंधित जन वितरण प्रणाली के विक्रेताओं के यहां भेजा जा रहा है। इसे विभागीय लापरवाही कहें या प्रकृति की मार। पर दोनों स्थिति में आमजन के निवाले पर बट्टा लगता नजर आ रहा है। वही प्रतिवर्ष यह समस्या उत्पन्न होता है। प्रखण्ड मुख्यालय स्थित एसएफसी का यह गोदाम प्रति वर्ष बाढ़ की पानी से घिर जाता है। इस वर्ष भी पूरी तरह घिर चुका है। अब सवाल उठता है कि आखिर किस कारण से समय रहते उक्त गोदाम में रखे खाद्यान को नहीं निकाला जाता। चूंकि ऐसी परिस्थिति हर वर्ष आती है इसलिए ये राज्य खाद्य निगम व संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेवारी बनती थी कि गोदाम में रखे खाद्यान को बाढ़ पूर्व सुरक्षित स्थान पर निकालकर रख दे, पर ऐसा नहीं हो सका जिसके कारण करीब डेढ़ सौ क्विंटल खाद्यान बर्बाद हो गया। जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब तीन लाख रुपया से अधिक होगी।

इस सम्बन्ध में सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि गोदाम के बाढ़ की पानी से घिरे होने की जानकारी पर नाव से जाकर गोदाम का निरीक्षण किया। पाया कि सैकड़ों बोरा खाद्यान उसमें रखा हुआ है जिसमें एक परत बोरा पानी से भींग चुका है। शेष खाद्यान को सुरक्षित निकाला जा रहा है। यह भी बताया कि बर्बाद हुए खाद्यान की भरपाई करने की जिम्मेवारी सहायक गोदाम प्रबंधक की होगी। वही सहायक गोदाम प्रबंधक कुंदन सिंह से पुछने पर लगातार झुठ बोलते रहे और आनाज भिगने से इन्कार करते रहे जबकि इसका कई प्रमाण है। साथ ही सहायक गोदाम प्रबंधक कुन्दन सिंह ने बताया कि प्रतिदिन सात हजार रुपये भाड़ा देकर नाव से आनाज निकाला जा रहा है।

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