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मुम्बई में बिहार पुलिस के सम्मान के लिए शीवदीप लांडे का आना चाहिए सामने

 सिटी एसपी विनय तिवारी को बा-जबरदस्ती क्वारेंटाइन में डालना व आईपीएस मेस में जगह नहीं देना एक शर्मनाक कदम

>> किसी आरोप का पारदर्शिता से जांच से कानून के प्रति बढ़ता है विश्वास

>> दो राज्यों की पुलिस जांच में विभेद होना व सहयोग नहीं करना संघिय ढांचा को करता है कमजोर

रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) । अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच करने गये पटना के सिटी एसपी विनय तिवारी ने मुम्बई एयरपोर्ट पर मीडिया को बयान दिया इसमें मुम्बई पुलिस की प्रशंसा की लेकिन डेढ़ घंटे बाद महाराष्ट्र सरकार की संस्था बीएमसी ने आईपीएस विनय तिवारी को बा-जबरदस्ती होम क्वारेंटाइन का मुहर आगामी 15 अगस्त तक लगा दिया और कोरोना को लेकर केन्द्र सरकार द्वारा बनाएं नियमों का हवाला दिया गया । सिर्फ यहीं नहीं आईपीएस विनय तिवारी को आईपीएस मेस में जगह तक नहीं दिया । यह खबर आग की तरह पुरे देश दुनिया में फैल गयी और महाराष्ट्र सरकार की  चौतरफा निंदा होनी शुरू हो गयी ।सोशल मीडिया से लेकर सभी जगह यह चर्चा शुरू हो गयी की महाराष्ट्र सरकार की नियत में खोट है और मुम्बई पुलिस नहीं चाहती ही अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मामला उजागर हो सके ।
बिहार कैडर के वरीय आईपीएस शीवदीप लांडे इन दिनों अपने होम स्टेट महाराष्ट्र में प्रतिनियुक्त है और महाराष्ट्र पुलिस के लिए बेहतर और ईमानदारी पूर्वक काम कर रहें हैं । शीवदीप लांडे एक ऐसे आईपीएस है ,जिनके  बिहार में लाखों युवा फैंस हैं । बिहार के युवा वर्ग सुशांत सिंह राजपूत की निष्पक्ष जांच चाहती हैं । इसके लिए पहले इंस्पेक्टर की चार सदस्यीय टीम मुम्बई में एक सप्ताह से कैंप कर रही हैं । आईपीएस विनय तिवारी बीते रविवार को मुम्बई पहुंचे हैं । बिहार पुलिस के इंस्पेक्टर ऑटो से मुम्बई में सफर करते दिखे गये ,कैदी भान में डालकर ले जाया गया । सिटी एसपी को होम क्वारेंटाइन में डाल दिया गया । महाराष्ट्र सरकार और मुम्बई पुलिस द्वारा बिहार पुलिस को अपमानित करना संघिय ढांचा को कमजोर करता हैं । बिहार पुलिस को उचित सम्मान देने को लेकर आईपीएस शीवदीप लांडे को सामने आना चाहिए ,कम से कम अपने कैडर के आईपीएस विनय तिवारी को रहने की व्यवस्था तो कर ही सकते हैं ।
    बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा किये जा रहें कार्रवाई को शर्मनाक कदम बताया हैं । डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे पहले ही स्पष्ट कर चुके है की हम डरने वाले नहीं है हमारी पुलिस निष्पक्ष जांच करेंगी और मंजिल तक पहुंचेगी। वरीय आईपीएस ,डीआईजी विकास वैभव कहते है की किसी आरोप का पारदर्शिता से जांच होने से कानून के प्रति लोगों में विश्वास बढ़ता हैं । जो दोषी है वह बचे नही और निर्दोष फंसे नहीं इसका ख्याल अक्सर रहना चाहिए ।
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