Main Sliderराष्ट्रीय

बिकती रही मासूम, खरीदते रहे लोग, सच्चाई जान हैरान हो जायेंगे

नई दिल्ली। आज पूरा देश आजादी के जश्न को मानाने की तैयारी कर चुका है। क्या सरकारी क्या निजी इमारते रोशनी से सराबोर हो अपनी तरफ आकर्षित कर रही है। हर तरफ बस आजादी के तराने गुंजायमान हो रहे है। मगर हकीकत इतनी नही है। राजधानी दिल्ली में एक ढाई महीने की मासूम को तीन बार बेचा गया।

बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने बेटी को लेकर एक अहम फैसला सुनाया हर तरफ उस निर्णय की चर्चा है। लेकिन अब आप का सच्चाई बताते है। दिल्ली की इस मासूम के पिता ने उसे 60 हजार रुपये में बेच दिया। जी हां ये उसी राजधानी दिल्ली का सच्चाई है।

परिवार में पहले से दो बेटियां थीं, इसलिए तीसरी बेटी के जन्म से पिता खुश नहीं था। उसने जाफराबाद में बच्ची को बेच दिया। हालांकि कुछ दिनों बाद उसे कृत्य पर शर्म आई तो वह सीधे महिला आयोग के पास पहुंचा। यहां से शुरू हुआ बच्ची को बरामद करने का अभियान।

पुलिस के मुताबिक, बच्ची की मां अमनदीप और पिता गुरदीप ने जाफराबाद में मनीषा नामक महिला को अपनी ढाई माह की बच्ची 60 हजार में बेच दी। पिता की निशानदेही पर दिल्ली महिला आयोग की टीम जाफराबाद इलाके में पहुंची और पुलिस से संपर्क किया। बताए गए पते पर मनीषा नहीं मिली, लेकिन मोबाइल पर मनीषा ने यह जरूर बताया कि बच्ची को उसने मादीपुर में दीपा एवं मंजू को बेच दिया है।

आयोग और पुलिस की टीम तत्काल मादीपुर में बताए गए पते पर पहुंची, वहां इंदू नाम की महिला मिली। इंदू ने बताया कि मंजू एवं मनीषा ने उसके पास बच्ची छोड़ा जरूर था लेकिन फिलहाल दोनों उसे लेकर शकूरपुर में है। पुलिस ने शकूरपुर में मंजू को पकड़ा तो उसने बताया कि बच्ची संजय नाम के कारोबारी को एक लाख रुपये में बेच दी है। संजय चावड़ी बाजार में रहते हैं और निसंतान हैं। पूरी रात यहां से वहां भागने के बाद गुरुवार सुबह बच्ची को संजय के पास से बरामद कर लिया गया। पुलिस ने मानव तस्करी के आरोप में पिता अमनप्रीत, इंदु, मंजू, मनीषा एवं बच्ची को खरीदने वाले संजय को गिरफ्तार कर लिया है। बच्ची के पुनर्वास पर कार्य शुरू कर दिया गया है।

दिल्ली पुलिस ने जब बच्ची के पिता से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह वाहन चालक है। पहले से दो बेटियां हैं, तीसरी बेटी हुई तो वह अवसाद में आ गया। लॉकडाउन के दौरान बच्ची के जन्म से यह तनाव और अधिक बढ़ गया। वह सोच में पड़ गया कि मामूली आमदनी में इतना खर्च कैसे उठाएगा। इसी बीच उसे मनीषा नामक महिला मिली जो बच्ची की कीमत देकर पालने की बात कह रही थी। वह झांसे में आ गया और बच्ची को 40 हजार में बेच दिया। जब उसे पता चला कि मनीषा ने बच्ची को आगे बेच दिया है तो उसे अपनी बच्ची की फ्रिक हुई और वह मदद के लिए आयोग की महिला पंचायत के पास पहुंचा।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि बुधवार देर रात से ही आयोग की टीम बच्ची की तलाश में जुट गई थी। पूरी रात मशक्कत कर, कई जगह छापे मारे और एक बड़े रैकेट जिसमें बच्ची को पांच बार बेचा गया उससे छुड़वाया। इस मामले में दिल्ली पुलिस का कार्य भी सराहनीय रहा। इस मामले में पांच लोग गिरफ्तार भी हुए हैं।

loading...
Loading...

Related Articles

Back to top button