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मौत के सौदागर रहा कुख्यात का परिजन एनकाउंटर के डर से पुरी रात गिड़गिड़ाया

शिक्षिका ने एक ऑडियो क्लिप मीडिया में भेजकर झारखंड से गिरफ्तारी की कहीं बात

>> कुख्यात मनोज सिंह व हथियारों के जखिरा के लिए पुलिस ताबड़तोड़ कर रही छापेमारी

>> बिहार एसटीएफ व पटना पुलिस की साइलेंट एक्शन से मिल गयी बड़ी कामयाबी

रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) । यूपी का कुख्यात विकास दुबे व बिहार के पश्चिमी चंपारण में चार नक्सलियों का एक माह के अंदर एनकाउंटर होने से दोनों राज्यों के अपराधियों में खौफ है। एनकाउंटर के डर से अधिकांश अपराधी राज्य छोड़ दूसरे राज्यों में पनाह लिये हुये हैं  । पटना का टॉप टेन अपराधियों की सूचि में शामिल , मौत का सौदागर रहा कुख्यात माणिक सिंह का परिजन व रिश्तेदार मीडिया हाउसो से संपर्क कर पुरी रात गिड़गिड़ाते रहे । कुख्यात की मां ने अपने बेटे माणिक सिंह का गिरफ्तारी को लेकर एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया व पत्रकारों को भेज कर गुहार लगाते रही  । हालाँकि पुलिस अभी सबकुछ स्पष्ट नहीं कर रही हैं । ऐसा माना जा रहा है की पुलिस कुख्यात माणिक से जुड़े  कई और अपराधों का खुलासा करेगी । सुत्रों की मानें तो कुख्यात माणिक सिंह के साथ एक और अपराधी गिरफ्तार हुआ हैं ।

कुख्यात मनोज सिंह व हथियारों के जखिरा पर पुलिस का फोकस

बाप-बेटा गिरोह के सरगना कुख्यात माणिक सिंह के गिरफ्तारी के बाद पुलिस की नजर  कुख्यात मनोज सिंह से जुड़े ठिकाने पर है व हथियारों को बरामद करने को लेकर कई जगहों पर छापेमारी की गयी हैं । पटना के तत्कालीन एसएसपी मनु महाराज ने बाढ़ न्यायालय परिसर में कैदी की हत्या में कुख्यात मोनु को गिरफ्तार किया था। मोनु ने पुलिस के समझ बताया था की कुख्यात मनोज सिंह को एके 47 दिया था। एके 47 को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और दोनों एक दूसरे के दुश्मन हो गये । एके 47 बिहार के एक दबंग का था, जिसे लौटाने के लिए विवाद भी हुआ था।

बिहार एसटीएफ व पटना पुलिस का साइलेंट एक्शन

सड़क निर्माण करा रही कंपनी के कर्मी  से बाप -बेटा गिरोह ने 50 लाख रूपये रंगदारी की मांग किया था। रंगदारी नहीं देने पर कुख्यात माणिक सिंह के गुर्गे ने साइट पर गोलीबारी किया था। पुलिस ने गिरोह से जुड़े 8 लोगों को महज 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया । सरकार और पुलिस मुख्यालय मामले को गंभीरता से लिया और बाप-बेटा गिरोह के सरगना को लेकर एक गुप्त प्लान तैयार किया ।
 सुत्रों की मानें  तो बिहार  एसटीएफ के दो आईपीएस अधिकारी,  चार इंस्पेक्टर ,सब इंस्पेक्टर  व पटना पुलिस के दो आईपीएस व तकनीकी सेल के पुलिस पदाधिकारी पुरी साइलेंट प्लान पर काम कर रहे थे और आखिरकार पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी । कुख्यात माणिक सिंह के ऊपर पटना जिले के खगौल, बिहटा, बाढ़ ,झारखंड के जमशेदपुर में हत्या का मामला दर्ज है वहीं नौबतपुर, बिहटा में रंगदारी को लेकर आधा दर्जन मामले दर्ज हैं ।
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