मथुरा

गोकुलानंद महाराज का त्रिदिवसीय तिरोभाव महोत्सव मनाया

मथुरा। छटीकरा-रोड स्थित कपिल कुटीर सांख्य योग आश्रम में ब्रह्मलीन सन्त प्रवर स्वामी श्री गोकुलानंद जी महाराज का त्रिदिवसीय तिरोभाव महोत्सव विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। महोत्सव का शुभारंभ उनकी प्रतिमा के पूजन-अर्चन एवं विश्वशांति व विश्वव्यापि कोरोना महामारी के मुक्ति हेतु ब्रह्द अखण्ड यज्ञ के साथ हुआ।

महोत्सव का शुभारंभ करते हुए साध्वी राधिका साधिका जटा वाली मां ने कहा कि उनके सद्गुरुदेव स्वामी श्री गोकुलानंद महाराज श्रीधाम वृन्दावन के प्राचीन स्वरूप के परिचायक थे। उनके अंग-अंग में संतत्व विद्यमान था। उन्होंने आज से लगभग 80 वर्ष पूर्व इस आश्रम में घोर भगवत साधना की। उस समय यहां जंगल ही जंगल था।

महोत्सव के समन्वयक डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि स्वामी गोकुलानंद जी महाराज ने कृष्ण भक्ति की लहर को समूचे देश में बड़ी तीव्रता के साथ प्रवाहित किया।
महामंडलेश्वर स्वामी आदित्यानंद जी महाराज ने कहा कि स्वामी गोकुलानंद जी महाराज परम् वीतरागी व भगवत प्राप्त सन्त थे। उनके दर्शन मात्र से ही लोगों का कल्याण हो जाता था।
महामंडलेश्वर स्वामी नवलगिरी महाराज ने कहा कि स्वामी गोकुलानंद जी महाराज सन्तशिरोमनी थे, और सन्त समाज के गौरव थे। उनकी सभी सम्प्रदायों में अपार श्रध्दा थी। उन जैसे सन्तों से ही पृथ्वी पर धर्म व अध्यात्म का अस्तित्व है।
इस अवसर पर साध्वी नमिता साधिका, साध्वी पूर्णिमा साधिका, समाजसेवी देवीसिंह कुंतल, रामप्रकाश सक्सेना,पप्पू सरदार, रामदेव सिंह,पुरुषोत्तम गौतम, डॉ. विनय लक्ष्मी सक्सेना,राजू शर्मा,पवन गौतम, पूनम उपाध्याय, राधाकांत शर्मा आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

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