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चीनी कंपनी ने की, पीएमओ और सुरक्षा से जुड़े 370 अधिकारियों की ट्रैकिंग

नई दिल्ली। भारत में 10,000 से ज्यादा लोगों की निगरानी करने वाली चीनी फर्म ने पीएमओ के मुख्य नौकरशाहों, इन्फ्रास्ट्रक्चर मिनिस्ट्रीज से जुड़े आईएएस अधिकारियों, डीजीपी, राज्यों के मुख्य सचिवों समेत 370 से ज्यादा अधिकारियों की जासूसी की है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक चीन की कंपनी झेनहुआ डाटा ने दुनिया भर में 2.5 मिलियन लोगों की जानकारी जुटाई है, जिसमें करीब 10,000 भारतीय भी शामिल हैं। इनमें कम से कम 375 नौकरशाह भी शामिल हैं, इनमें से ज्यादातर फिलहाल सेवा में हैं, जबकि कुछ लोग रिटायर भी हो चुके हैं। चीनी कंपनी ने जिन लोगों की ट्रैकिंग की है, उनमें से आधा दर्जन नौकरशाह पीएमओ में हैं या फिर सीधे पीएम के तहत आने वाले मंत्रालयों में हैं।

इसके अलावा 23 मुख्य सचिवों और 15 डीजीपी की भी चीनी डाटा कंपनी ने निगरानी की है। इंडियन एक्सप्रेस ने  इन्वेस्टिगेशन के बाद यह खुलासा किया है। यह जानकारी एक अत्रात सूत्र ने दी है, जो कंपनी से जुड़ा रहा है। इस कंपनी के तार सीधे तौर पर चीन सरकार से जुड़े हैं। झेनहुआ डाटा ने जिन अधिकारियों की निगरानी की है, उनमें से ज्यादातर लोग केंद्र और राज्य सरकारों के अहम विभागों में तैनात हैं।

खासतौर पर प्राकृतिक संसाधनों, इन्फ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास, फाइनेंस और कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों का डाटा जुटाया गया है। इसके अलावा सूचना आयुक्तों और पूरे चुनाव की फंडिंग और खर्च पर निगरानी रखने वाले मुख्य चुनाव अधिकारियों को भी कंपनी ने टारगेट किया है। इसके अलावा हाल में हुए चुनावों में खड़े हुए प्रत्याशी भी कंपनी की टारगेट लिस्ट में थे। झेनहुआ डाटा ने जिन नौकरशाहों को टारगेट किया है, उनमें पीएम के मातहत काम करने वाले अमरजीत सिन्हा शामिल हैं, जिन्हें इसी साल सलाहकार नियुक्त किया गया है।

पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद की जॉइंट सेक्रेटरी सुमिता मिश्रा, जितेंद्र सिंह के प्राइवेट सेक्रेटरी आशीष कुमार शामिल हैं। वाणिज्य मंत्रालय के स्पेशल सेक्रेटरी बिद्युत बिहारी सवाईन जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मंत्रालयों के अफसर भी चीनी कंपनी की निगरानी का हिस्सा रहे हैं। इसके अलावा हाउसिंग ऐंड अर्बन डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन के सीएमडी शिव मीणा, पेट्रोलियम मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और आर्थिक सलाहकार राजेश अग्रवाल भी लिस्ट में शामिल रहे हैं। चीनी कंपनी के डाटाबेस में गुजरात के पूर्व डीजीपी पीपी पांडेय भी शामिल रहे हैं, जिन्हें इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ केस में बरी किया गया था।

के पूर्व डीजीपी सिबी मैथ्यूज भी इसका हिस्सा हैं, जिन्होंने 1994 के इसरो जासूसी कांड की जांच की थी। चीनी कंपनी ने दक्षिण कश्मीर जैसे अशांत क्षेत्र के डीआईजी अतुल गोयल का भी डाटा जुटाया है। गोयल ने ही जम्मू-कश्मीर के डीएसपी देविंदर सिंह को अरेस्ट किया था, जिन पर पाकिस्तानी जासूसी कंपनी आईएसआई से लिंक का आरोप है।

मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान एसपी के तौर पर काम करने वाले और फिलहाल उत्तर प्रदेश में आईजी विद्याभूषण भी कंपनी की लिस्ट में हैं। इसके अलावा स्पेशल इन्क्वॉयरीज के डीजी चंद्रप्रकाश की भी कंपनी ने जासूसी की है।

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