उत्तर प्रदेश

जिस किशोरी के अपहरण और हत्या में छह लोग जेल में, वह 12 साल बाद मिली ससुराल में

जालौन। समय अपना रंग दिखाने से चूकता नही है। कोई कितनी भी सजिश क्यों न कर ले लेकिन एक दिन सच बाहर आ ही जाता है। ऐसा ही एक मामला जालौन के कालपी क्षेत्र में सामने आया है, यहां जिस किशोरी के अपहरण और हत्या में छह लोगों को जेल जाना पड़ा, अब उसके जिंदा मिल जाने से सभी सन्न है। घटना के समय 14 साल की किशोरी 12 साल बाद अब 26 वर्षीय नौजवान युवती है और शादी करके अपना घर बसा चुकी है। अपहरण और हत्या के इस मामले की आंच तत्कालीन बसपा विधायक तक भी पहुंची थी लेकिन शासन से निर्देश के बाद सीबीसीआइडी ने जांच में उन्हें क्लीन चिट दी थी।

जानें-क्या था मामला
वर्ष 2008 में कालपी के एक मोहल्ले से 14 वर्षीय किशोरी संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी। उसकी मां ने नगर पालिका के अधिकारी, सभासद समेत छह लोगों पर अपहरण, दुष्कर्म के बाद हत्या और अनुसूचित जाति उत्पीडऩ निवारण अधिनियम आदि संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। उसने तत्कालीन बसपा विधायक पर भी आरोप लगाए थे। चार माह बाद घाटमपुर में मिले शव की पहचान मां ने बेटी के रूप में की थी। हालांकि शव का चेहरा पहचानना मुश्किल था लेकिन मां ने बेटी होने का दावा किया था।

शव मिल जाने पर पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं की तो किशोरी की मां ने डीएम कार्यालय के सामने धरना देकर आत्मदाह की धमकी दी थी। प्रकरण में तत्कालीन बसपा विधायक पर आरोप लगने पर शासन ने सीबीसीआइडी को जांच सौंपी थी। सीबीसीआइडी ने जांच के बाद तत्कालीन विधायक को क्लीन चिट दे दी थी लेकिन अन्य आरोपितों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। साथ ही कोर्ट में आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया था। जेल में एक महिला आरोपित की वर्ष 2012 में मौत हो गई थी, जबकि अन्य आरोपित जमानत पर जेल से बाहर आ गए थे।

अलीगढ़ के एक गांव में मिली
12 साल से लापता 14 साल की किशोरी अब 26 वर्षीय नौजवान युवती है और उसकी शादी भी हो चुकी है। परिवार के साथ उसके अलीगढ़ में रहने की जानकारी हुई तो कालपी पुलिस ने पहुंच गई। वहां से उसे लेकर आ गई है और उससे पूछताछ भी की है। स्थानीय पुलिस ने अब सीबीसीआइडी को प्रकरण की रिपोर्ट भेजी है। सीओ आरपी सिंह ने बताया कि जांच चल रही है, जल्द ही तथ्यों के साथ सच की जानकारी हो जाएगी।

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