Monday, October 19, 2020 at 1:17 AM

जन अधिकार पार्टी(लो.) ने जारी किया प्रतिज्ञा पत्र

RUPESH RANJAN SINHA

पटना। पटना में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में जन अधिकार पार्टी(लो.) का प्रतिज्ञा पत्र जारी करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि बिहार की सत्ता 30 सालों से ऐसे हाथों में है जहां बाढ़ है, अपराध है, बेरोजगारी है, अशिक्षा है, स्वास्थ्य सेवाएं नहीं हैं, भ्रष्टाचार है, सामाजिक उन्माद है, कुप्रभाव है और कुव्यवस्था है। यही कारण है सरकार की अनदेखी और भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी मजबूत बनी की बिहार साल दर साल पिछड़े पन में नंबर एक पर पहुँचता चला गया। जहां आंकड़ों की भाषा शर्मिंदगी के अलावा कुछ नहीं देती है। बिहार के विकास को दशा व दिशा देने के लिए जन अधिकार पार्टी(लोकतांत्रिक) पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। जन अधिकार पार्टी(लो.) की विचारधारा केवल सामाजिक सद्भाव व जन सेवा की है।

गरीब-अमीर, जात-पात के भेदभाव से बिल्कुल विपरीत केवल समानता व समरसता की बात करने वाली जन अधिकार पार्टी(लो.) जनता के संवैधानिक अधिकारों व सम्मान के लिए संघर्ष करती रही है। बिहार में आगामी विधानसभा 2020 चुनाव के अंतर्गत जन अधिकार पार्टी(लो.) एक प्रतिज्ञा पत्र जनता के समक्ष रख रही है। एक ऐसी प्रतिज्ञा जो जात-पात से बहुत दूर, लेकिन भाईचारा व सामाजिक सद्भाव को स्थापित करेगी। ऐसी प्रतिज्ञा जो रोजगार का सृजन करेगी, जो गरीब व असहाय लोगों के लिए मजबूत स्तम्भ बनकर उनके सशक्तिकरण के लिए काम करेगी। बिहार के हर क्षेत्र को विकसित बनाने की प्रतिज्ञा और वह भी हाईकोर्ट के प्रमाणपत्र के साथ। इस प्रतिज्ञा पत्र में जन अधिकार पार्टी(लो.) ने हर वर्ग विशेष का ध्यान रखा है। सबकी समृद्धि व उद्धार के लिए किए जाने वाले बिंदुओं को हम अंकित कर रहे हैं।

●जन अधिकार पार्टी(लो.) की सरकार बनने पर सभी वर्गों को वाजिब हक और सम्मान देने के वास्ते सवर्ण समाज से, मुस्लिम समाज से, दलित समाज से एवं अति पिछड़ा वर्ग समाज से एक-एक उप मुख्यमंत्री बनाया जाएगा ताकि पप्पू यादव की सरकार में सभी समुदायों को सरकार में उच्च शिखर पर वाजिब हक और सम्मान मिल सके।

●जन अधिकार पार्टी(लो.) ने हमेशा भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज को बुलंद किया है इसलिए छः महीने के अंदर ब्लॉक, जिला कार्यालय, अस्पताल एवं तमाम सरकारी दफ्तरों को भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाएंगे।

●धर्म और जाति के नाम पर उन्माद और दंगे फैलाने में संलिप्त व्यक्तियों (और उनके परिवार) की तमाम सरकारी सुविधाओं को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा। इसके लिए छह महीने के अंदर कानून लाएंगे। वह न तो सरकारी नौकरी कर सकते हैं, न चुनाव लड़ सकेंगे और न ही कोई अन्य सरकारी सुविधा ले पाएँगे! क्योंकि दंगे और उन्माद अधिकतर लोग सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए करते हैं। वह बंद हो जाएगा तो धर्म व जाति के नाम पर दंगों पर रोक लगेगी।

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